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वंदे मातरम् को समर्पित होगा 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला

अमित कुमार चावला /लखनऊ.

 

चलेगा साहित्यिक सांस्कृतिक आयोजनों और प्रतियोगिताओं का दौर

 

लखनऊ, 29 सितम्बर। बलरामपुर गार्डन, अशोक मार्ग में 11 दिवसीय 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला एक अक्टूबर से प्रारम्भ होगा। वंदे मातरम् के डेढ़ सौ वर्षों की थीम को समर्पित इस पुस्तक मेले के पहली अक्टूबर को शाम पांच बजे उद्घाटन के लिये उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सहमति दी है।
मेला स्थल पर आज आयोजित पत्रकार वार्ता में मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि करीब ढाई दशक पहले शुरू किये हमारे समवेत प्रयासों से शहर में पुस्तक मेलों की संस्कृति अब नियमित आयोजन बन गयी है। यह केवल पुस्तक मेला नहीं, यह ज्ञान और संस्कृति का उत्सव है। हम हर प्रकार के पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए देश भर से प्रकाशनों को एकत्र कर रहे हैं।
मेला निदेशक आकर्ष चंदेल ने कहा- लगभग 75 हजार वर्ग फीट में फैले पुस्तक मेले का यह भव्य आयोजन 50 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों के 120 से अधिक स्टॉलों के साथ एक विशाल विक्रय प्रदर्शनी के रूप में आकार लेगा। मेले में
हजारों पुस्तकों की विविध श्रृंखला में हिंदी, अंग्रेज़ी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य, शैक्षणिक पुस्तकें, बाल साहित्य और दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध रहेगा।
निशुल्क प्रवेश के साथ, यह मेला हर वर्ष पुस्तक प्रेमियों के लिए नये आकर्षण का केंद्र होता है।
यह पुस्तक मेला सभी आयु वर्ग के लिए साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र होगा। उद्घाटन दिवस रतन सिस्टर्स के दल का नृत्य कार्यक्रम होगा।
मेले में दिल्ली से प्रभात प्रकाशन,
अन्बाउंड स्क्रिप्ट,
सस्ता साहित्य मंडल,
वाणी प्रकाशन,
भारतीय ज्ञानपीठ, राजपाल एंड संस, सम्यक प्रकाशन, सामयिक प्रकाशन, वेलायत पब्लिकेशन्स, ग्रीन पाम, फ्लाईड्रीम्स, ईएचएफ लर्निंग, ऋषभ बुक्स, नय्यर बुक, भारतीय कला प्रकाशन, स्टूडेंट बुक सेंटर, यशिका एंटरप्राइजेज, आर्यन बुक, रितेश बुक, बेस्ट बुक, पदम बुक, ज्योति बुक्स व शिवांगी बुक इंटरनेशनल, त्रिदेव बुक्स, परिमल पब्लिकेशन,वर्धमान बुक्स, ऋषि पब्लिकेशन के साथ नोएडा से मंजुल पब्लिशिंग, सेतु प्रकाशन, रेख्ता पब्लिकेशन्स और गाजियाबाद से
न्यू बुक और वर्मा बुक के स्टाल होंगे। अन्य शहरों के प्रकाशनों में लोकभारती प्रकाशन प्रयागराज; उपकार,
प्रतियोगिता दर्पण,
साहित्य सरोवर व निखिल पब्लिशर्स आगरा; दिनकर पुस्तकालय भागलपुर; ऑथर्स अड्डा; गिडियंस इंटरनेशनल;
लिंक लिमिटेड और
पैराडाइज बुक कंपनी रायपुर के स्टाल होंगे।
स्थानीय प्रकाशकों में उ.प्र.हिन्दी संस्थान, उ.प्र.उर्दू अकादमी, रामकृष्ण मठ, ज्ञानार्ची बुक्स, नवपल्लव बुक्स, बोधरस प्रकाशन, आर्य प्रतिनिधि सभा, द इंटेलेक्चुअल्स, उ.प्र.साहित्य सभा, हिन्दी वांग्मय निधि, सत्य मार्ग प्रकाशन,
गायत्री ज्ञान मंदिर,
हेल्थ केयर सिस्टम्स व देवेंद्र बुक के स्टाल होंगे।
साहित्यिक मंच पर साहित्यकारों से संवाद, परिचर्चाओं और काव्य गोष्ठियों के संग रहीस सिंह, डा.रश्मि श्रीवास्तव, करुणा पाण्डेय, संतोष वाल्मीकि, ब्रजेश कुमार मिश्र, विवेक शुक्ला, नीलम राकेश और मनीष शुक्ला आदि की किताबों के विमोचन होंगे।
बच्चों के लिये कहानी सत्र और प्रतियोगिताएँ होंगी। हमेशा की तरह स्थानीय लेखकों की पुस्तकों का एक अलग स्टाल होगा। रोज सुबह 11 बजे से रात नौ बजे तक जारी इस मेले में खरीदी गई हर पुस्तक पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
पिछले मेलों की उपलब्धियां गिनाते हुए संयोजक श्री चंदेल ने बताया कि वर्षों से उत्तर भारत के सबसे प्रतीक्षित साहित्यिक आयोजनों में से एक इस वार्षिक पुस्तक मेला आयोजन का उद्देश्य पठन संस्कृति को बढ़ावा देना और प्रकाशकों व लेखकों को अपने कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
पुस्तक मेले के सहयोगी संस्थान यूपी मेट्रो, रेडियोसिटी, ओरिजिंस, किरण फाउंडेशन, ज्वाइन हैंड्स फाउंडेशन, लोकआंगन, विश्वम् फाउंडेशन्स, विजय स्टूडियो, गोल्डेन ग्रास और कविता किस्से कहानियां हैं।

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