*राजनांदगांव चिखली देशमुख होटल के सामने प्रदर्शन के दौरान डीएसपी व टीआई की वरिष्ठ पत्रकार से अभद्रता।*
मानहानि केस और डीजी से शिकायत की तैयारी

*राजनांदगांव चिखली देशमुख होटल के सामने प्रदर्शन के दौरान डीएसपी व टीआई की वरिष्ठ पत्रकार से अभद्रता।* *मानहानि केस और डीजी से शिकायत की तैयारी*
*राजनांदगांव* ।
*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव*
चिखली स्थित देशमुख होटल के सामने करीब दो घंटे तक चले उग्र प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक रवैये को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्रदर्शन की कवरेज कर रहे नेशनल न्यूज़ के संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार के साथ हाल ही में पदस्थ हुए डीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी और थाना प्रभारी (टीआई) की तीखी बहस और बदसलूकी की घटना सामने आई है।
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह एक गाड़ी का मुद्दा था, जिसको लेकर डीएसपी और टीआई सीधे वरिष्ठ पत्रकार से भिड़ गए और उन्हें सार्वजनिक रूप से डराने-धमकाने का प्रयास करते नजर आए।
गाड़ी विवाद से शुरू हुई बहस, कैमरे में कैद हुआ रवैया
चिखली देशमुख होटल के सामने प्रदर्शन के दौरान व्यवस्था संभालने के नाम पर डीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी और टीआई ने गाड़ी के विषय को लेकर पत्रकार के साथ आक्रामक व्यवहार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों द्वारा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रतिनिधि को डराने का प्रयास प्रशासनिक मर्यादाओं के विपरीत था।
कानूनी कार्रवाई और डीजी महोदय से शिकायत
इस घटना के बाद मीडिया जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले को गंभीरता से लेते हुए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
मानहानि का केस: वरिष्ठ पत्रकार के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाने और सार्वजनिक रूप से अभद्रता करने के कृत्य के खिलाफ संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कोर्ट में मानहानि (Defamation Case) का मुकदमा दायर किया जाएगा।
डीजी महोदय से शिकायत: राष्ट्रीय पत्रकार संगठन द्वारा इस पूरे मामले की लिखित शिकायत डीजी महोदय से की जाएगी, जिसमें दोषी अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग शामिल है।
पुलिसिया रवैये पर उठते सवाल: झांकी के दौरान भी हुआ था विवाद
राजनांदगांव में पुलिस अधिकारियों द्वारा अभद्र व्यवहार का यह पहला मामला नहीं है।
पूर्व की घटना: इससे पहले भी शहर में झांकी के दौरान एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करने की गंभीर खबरें सामने आई थीं।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से स्पष्ट होता है कि जिले में पदस्थ कुछ जिम्मेदार अधिकारी अपनी कार्यशैली और भाषा शैली को लेकर कटघरे में हैं, जिससे पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है।
संपादकीय टिप्पणी: पत्रकार सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। देखना होगा कि वरिष्ठ पुलिस कमान इस पर क्या कार्रवाई करती है।
