
लखनऊ.रामकृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ में आयोजित छः दिवसीय श्री श्री दुर्गा पूजनोत्सव के अंतर्गत आज महाअष्टमी पूजा पूर्ण श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई।
चौथे दिन देवी दुर्गा की महाष्टमी पूजा प्रातः शास्त्रीय परंपरा के अनुसार शहनाई की मंगलध्वनि के साथ पूजा का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात देवता की औपचारिक पूजा सुबह महास्नान (एक छोटी पत्थर की छवि (वनलिंग) के रूप में देवता का विस्तृत स्नान) के साथ शुरू हुई। इस प्रक्रिया के लिए लगभग 50 स्रोतों से लाए गए पानी का उपयोग मंत्रों के उचित जाप के साथ किया गया था।
तत्पश्चात् लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती, कार्तिक जैसे अपने सभी परिवार के सदस्यों के साथ-साथ उनके वाहकों जैसे सिंह, चूहा, उल्लू, हंस, मोर आदि के साथ देवी माँ के परिवार के कुल 83 सदस्यों की पूजा शास्त्रों के अनुसार की गई।
पंडाल में सुबह 9ः00 बजे से 9ः45 बजे तक बड़ी संख्या में भक्तों के बीच देवी माँ के सजीव स्वरूप के रूप में एक 5 वर्षीया कन्या को भव्य रूप से सजाया गया और पूजा की गई। कुमारी पूजा का साकेंतिक अर्थ है कि हमें घर और बाहर सभी महिलाओं के प्रति सम्मानजनक रवैया रखना चाहिए।
इस अवसर पर मठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने माँ दुर्गा को पुष्प एवं चंदन अर्पित किया। रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, मायलापुर, चेन्नई से पधारे स्वामी सत्यविदानन्दजी ने मंत्रोच्चार कराया। इसके पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को फल-प्रसाद वितरित किया गया।
रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद महाराज ने जानकारी देते हुए बताया महानवमी पूजा कल 20 अक्टूबर को सुबह 6ः15 बजे से जारी रहेगी।




