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ड्रग्स केस में गिरफ्तारी, फिर 50 हजार की मांग!

ऑडियो वायरल होते ही गिरे दो एसआई पर गाज, दुर्ग पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

ड्रग्स केस में गिरफ्तारी, फिर 50 हजार की मांग! ऑडियो वायरल होते ही गिरे दो एसआई पर गाज, दुर्ग पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह (राजनांदगांव)

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। ड्रग्स मामले में गिरफ्तार की गई एक महिला को छोड़ने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद दो सब-इंस्पेक्टरों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। ऑडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तत्काल प्रभाव से दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, यहां पदस्थ सब-इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू ने एक महिला को नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद महिला को राहत दिलाने और मामले में मदद करने के नाम पर उसकी बेटी से 50 हजार रुपये की मांग की गई।

ऑडियो वायरल होने से खुली परतें

बताया जा रहा है कि रिश्वत मांगने से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने पर एसएसपी ने पुरानी भिलाई थाने में पदस्थ एसआई तुलसीराम साहू और कथित रूप से सहयोग करने वाले खुर्सीपार थाने में पदस्थ एसआई देव लाल साहू को निलंबित कर दिया। दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि के दौरान रक्षित केंद्र दुर्ग अटैच किया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

बेटी ने लगाए और गंभीर आरोप

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब गिरफ्तार महिला की बेटी ने मीडिया के सामने कई गंभीर आरोप लगाए। बेटी का कहना है कि केवल स्थानीय पुलिस ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर साइबर क्राइम से जुड़े कुछ लोगों ने भी उससे 2 लाख रुपये की मांग की थी। उसका आरोप है कि मां को जेल से बचाने और मामले को कमजोर करने का भरोसा देकर लगातार पैसों का दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस विभाग अलग से इसकी जांच कर रहा है।

पुलिस विभाग की साख पर सवाल

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब राज्य पुलिस लगातार पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था की बात कर रही है। रिश्वत मांगने के आरोप और ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल व्यक्तिगत स्तर की गलती नहीं, बल्कि व्यवस्था में मौजूद कमियों को भी उजागर करेगा। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वायरल ऑडियो में की गई बातचीत किस परिस्थिति में हुई, रिश्वत मांगने के आरोप कितने सही हैं और क्या इस पूरे प्रकरण में अन्य लोग भी शामिल हैं। दो एसआई के निलंबन ने साफ संकेत दिया है कि मामला गंभीर माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि आरोपों के पीछे कितना सच है और आगे किन लोगों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

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