श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज को मिला प्रतिष्ठित ‘प्रो बोनो क्लब’
अमित कुमार चावला /लखनऊ.

लखनऊ। शिक्षा एवं कानूनी जागरूकता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए श्री रामस्वरूप मेमोरियल युनिवर्सिटी (SRMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज को भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय (Department of Justice, Ministry of Law & Justice) की दिशा २.० (DISHA 2.0) योजना के तहत आधिकारिक रूप से प्रतिष्ठित ‘प्रो बोनो क्लब’ (Pro Bono Club) प्रदान किया गया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि SRMU यह गौरव हासिल करने वाला लखनऊ का पहला निजी विश्वविद्यालय बन गया है। इससे पूर्व लखनऊ में केवल डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (RMLNLU) और लखनऊ विश्वविद्यालय के पास ही यह मान्यता प्राप्त थी। भारत सरकार द्वारा यह क्लब देश के गिने-चुने चुनिंदा और अग्रणी विधि संस्थानों को ही प्रदान किया जाता है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति (चांसलर) इंजीनियर पंकज अग्रवाल जी एवं सह-कुलाधिपति (प्रो-चांसलर) इंजीनियर पूजा अग्रवाल जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दूरगामी सोच और निरंतर प्रेरणा का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में संस्थान विधि शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। साथ ही, माननीय कुलपति (वाइस-चांसलर) प्रोफेसर डॉक्टर विजय कुमार तिवारी सर के कुशल पर्यवेक्षण और सतत सहयोग से विश्वविद्यालय लगातार नए कीर्तिमान रच रहा है।
इस योजना के माध्यम से विधि के विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। साथ ही, समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाकर सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित होगा।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर नरेंद्र बहादुर सिंह ने इस उपलब्धि को पूरे SRMU परिवार के समर्पण का परिणाम बताते हुए सभी संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को बधाई दी।




