*गौरीनगर में गाय का सिर काटकर मांस बेचने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार,
पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*!!!

*गौरीनगर में गाय का सिर काटकर मांस बेचने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*!!!
गिरधारी सावरकर (सिटी संवाददाता राजनांदगाव)…. राजनांदगांव/17 अक्टूबर 26
चौकी चिखली पुलिस एवं सायबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में गौरीनगर क्षेत्र में गोवंशीय पशु का सिर काटकर बेचने वाले 1 और अपचारी सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि, पुलिस भले ही इसे अपनी त्वरित कार्रवाई बता रही हो, लेकिन स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों के भारी दबाव व थाने के घेराव के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार
दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को प्रार्थी ने चौकी चिखली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गौरीनगर शीतला तालाब के पास किसी अज्ञात आरोपी ने हिंदू धर्म की आस्था की प्रतीक गाय का सिर काटकर फेंक दिया है। इसी तरह 12 अक्टूबर 2026 को भी गौरीनगर निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास गाय का कटा हुआ सिर मिला था।
नवरात्रि का पावन पर्व होने और मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीमें गठित की गईं।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा, उसकी पत्नी और बेटी संदिग्ध पाए गए। पूछताछ में उन्होंने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वे रात के समय सड़क पर बैठे मवेशियों को घर ले जाकर हलाल करते थे और गोमांस बेचते थे। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार और स्कूटी (क्रमांक CG 24 R 6360) ज़ब्त कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम अब्दुल अलीम उर्फ कनवा (39 वर्ष) – हाल निवास गौरीनगर, चौकी चिखली (मूल निवासी नागपुर, महाराष्ट्र)
अंजुम बेगम (35 वर्ष) – पति अब्दुल अलीम उर्फ कनवा
सलमान खान (19 वर्ष) – निवासी: गौरीनगर, चिखली
मोहम्मद साकिर खान (20 वर्ष) – निवासी: गौरीनगर, चिखली
मोईन गौरी (35 वर्ष) – निवासी: स्टेशनपारा, चिखली
आरिफ कुरैशी (39 वर्ष) – निवासी कसाईपारा, राजनांदगांव
सलिम अख्तर (42 वर्ष) – निवासी गौरीनगर, चिखली
सैय्यद नदीम (38 वर्ष) – निवासी: स्टेशनपारा, चिखली
मोहम्मद सिराज (46 वर्ष) – निवासी: शंकरपुर, चिखली
मोहम्मद तौहिद रजा खान (28 वर्ष) – निवासी: गौरीनगर, चिखली
(एक अपचारी बालक भी शामिल) आरोपियों से
ज़ब्ती सामग्री: 02 नग सुत्ता, 01 नग संटी, और स्कूटी क्रमांक CG 24 R 6360।
*सार्वजनिक आक्रोश और जनता के दबाव पर हुई गिरफ्तारी*
पुलिस भले ही इस मामले में अपनी पीठ थपथपा रही है और त्वरित कार्रवाई का दावा कर रही है, लेकिन स्थानीय लोगों की सच्चाई कुछ और ही बयां करती है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली बेहद सुस्त थी। जब पुलिस ने मामले में ढिलाई बरती, तब आक्रोशित शिकायतकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जोरदार दबाव बनाया। कल सिटी कोतवाली थाने का घेराव कर चक्का जाम किया गया, तब जाकर कहीं चिखली पुलिस की नींद टूटी और इस संवेदनशील मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए तत्परता दिखाई गई।
क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि चौकी प्रभारी चिखली कैलाश मरई से ठीक ढंग से चौकी नहीं संभल रही है, और जनता के कड़े विरोध के बिना पुलिस गंभीर मामलों में भी गंभीर नहीं होती।