*मृत बड़े भाई के बैंक खाता से चेक में फर्जी हस्ताक्षर करकिया दो लाख रूपये निकालने का प्रयास
अपर कोर्ट ने आरोपी छोटे भाई को विभिन्न धाराओं केतहत् सुनाई सश्रम कारावास की सजा!!*

*मृत बड़े भाई के बैंक खाता से चेक में फर्जी हस्ताक्षर करकिया दो लाख रूपये निकालने का प्रयास
अपर कोर्ट ने आरोपी छोटे भाई को विभिन्न धाराओं केतहत् सुनाई सश्रम कारावास की सजा!!*
शेखर ठाकुर(छत्तीसगढ़)
राजनांदगांव:- प्रकरण में अपीलार्थी छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से पैरवी करने वाले जिला लोक अभियोजक श्री राजेश खांडेकर ने बताया कि, दिनांक 02.10.2011 को मोहम्मद इकबाल की मृत्यु हो चुकी है। मृतक मोहम्मद इकबाल का बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा राजनांदगांव में संचालित था। मोहम्मद इकबाल के मृत्यु के बाद दिनांक 09.01.2012 को उसके छोटे भाई मोहम्मद अली ने स्वयं को मोहम्मद इकबाल बताते हुये फर्जी तरीके से मोहम्मद इकबाल के नाम से बैंक चेकबुक इश्यू कराकर उक्त चेक में राशि दो लाख रूपये भरकर फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान हेतु बैंक के समक्ष प्रस्तुत कर टोकन प्राप्त किया। हस्ताक्षर मिलान के दौरान बैंक प्रबंधक को हस्ताक्षर फर्जी होने की जानकारी मिली। इस प्रकार आरोपी मोहम्मद अली के द्वारा जानबूझकर अवैध व फर्जी तरीके से अपने आपको मोहम्मद इकबाल बताकर लाभ प्राप्त करने की कोशिश किया। सूचना पर थाना कोतवाली द्वारा मामला पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया था तथा प्रकरण के संपूर्ण जांच उपरान्त धारा 420, 467, 468, 471 भारतीय दंड संहिता के तहत् अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।विचारण न्यायालय द्वारा उपरोक्त प्रकरण के संपूर्ण विचारण उपरान्त आरोपी के विरूद्ध आरोप सिद्ध न पाये जाने के कारण घोषित निर्णय दिनांक 23.11.2023 को आरोपी मोहम्मद अली को दोषमुक्त कर दिया गया था। उक्त दोषमुक्ति निर्णय के विरूद्ध शासन की ओर से सत्र न्यायालय के समक्ष अपील प्रस्तुत किया गया था।अपीलीय न्यायालय माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राजनांदगांव “श्रीमती ज्योति अग्रवाल” द्वारा उपरोक्त अपील प्रकरण में सुनवाई करते हुये निम्न न्यायालय का अभिलेख मंगाया जाकर पारित निर्णय का सूक्ष्मता से परिशीलन कर उभय पक्षों के दलील सुनने के पश्चात् दिनांक 06.10.2026 को शासन की ओर से प्रस्तुत अपील स्वीकार कर निम्न न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 23.11.2023 को अपास्त कर अभियुक्त मोहम्मद अली आ. मोहम्मद केशर, उम्र 35 वर्ष, निवासी कंचन बाग, वार्ड नंबर 27, शिव मंदिर के पास, थाना कोतवाली, राजनांदगांव को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत् तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये का अर्थदंड, धारा 467 के तहत् पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये का अर्थदंड तथा धारा 471 के तहत् पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये का अर्थदंड की सजा से दण्डित किये जाने का दण्डादेश पारित किया गया। प्रत्येक अर्थदंड की राशि अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त मोहम्मद अली को तीन-तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतनी होगी।


