बुजुर्ग महिला ने अपना केस वापस लिया, महिला के नाम से होगा अब रजिस्ट्री वापस*!!
मामला ग्राम धर्मापुर राजनांदगांव तहसील का*

*बुजुर्ग महिला ने अपना केस वापस लिया, महिला के नाम से होगा अब रजिस्ट्री वापस*!!
गिरधारी सावरकर (सिटी संवाददाता )…..
मामला ग्राम धर्मापुर राजनांदगांव तहसील का*
राजनांदगांव।*
ग्राम धर्मापुर की एक वृद्ध महिला द्वारा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के लगाए गए आरोप उस समय समाप्त हो गए जब विवादित जमीन को वापस महिला के नाम करेंगे? वही महिला ने स्वयं आरोप वापस लेने की घोषणा कर दी। जमीन लौटाए जाने के आश्वस्त के बाद महिला ने अपना केस वापस ले लिया है, अब जमनी की रजिस्ट्री करना बाकी रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम धर्मापुर तहसील राजनांदगांव निवासी 60 वर्षीय चंदा यादव ने कुछ समय पूर्व पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शंकरपुर निवासी अविनाश महार पर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने 29 जुलाई 2024 को अविनाश महार से 1 लाख 5 हजार रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज के दौरान उनसे एक इकरारनामा पर हस्ताक्षर कराए गए जिसकी शर्तों और भाषा को वह ठीक से समझ नहीं पाई थीं। महिला ने आरोप लगाया था कि कम पढ़ी-लिखी और उम्रदराज होने का फायदा उठाकर उनकी जमीन खसरा नंबर 223/10 की फर्जी रजिस्ट्री कराने की साजिश रची जा रही है। उनका दावा था कि रकम की व्यवस्था होने के बाद उन्होंने मूलधन 1 लाख 5 हजार रुपये के साथ 55 हजार रुपये ब्याज सहित कुल 1 लाख 60 हजार रुपये लौटाने की बात कही थी लेकिन इसके बावजूद जमीन को अपने नाम कराने की कोशिश की जा रही थी। मामला सार्वजनिक होने और समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। महिला के अनुसार उनकी जमीन उन्हें वापस मिल गई है। जमीन वापस मिलने के आश्वाशन के बाद चंदा यादव ने अविनाश महार पर लगाए गए अपने सभी आरोप वापस ले लिए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपों के प्रकाशन के बाद अविनाश महार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विवादित जमीन महिला को वापस सौंप दी जाएगी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो गया और पूरे मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल आया। जमीन की वापसी की गारंटी के बाद आरोपों की वापसी के साथ ही इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया है, जिससे क्षेत्र में चल रही चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।

