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सत्य की जीत, जवाबदेही की मिसाल—शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद आंगनबाड़ी सहायिका सेवा से पृथक

सत्य की जीत, जवाबदेही की मिसाल—शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद आंगनबाड़ी सहायिका सेवा से पृथक

सत्य की जीत, जवाबदेही की मिसाल—शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बाद आंगनबाड़ी सहायिका सेवा से पृथक

तिलक राम पटेल ब्यूरोचिफ महासमुंद जिला भारत संवाद टीवी न्यूज चैनल दैनिक अपडेट अखबार

सरायपाली जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही एक बार फिर सामने आई है। एकीकृत बाल विकास परियोजना सरायपाली अंतर्गत सेक्टर केदुवां के आंगनबाड़ी केंद्र आंवलाचक्का (बी) में पदस्थ सहायिका श्रीमती डिग्रीमोती उरांव को प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया है।

 

परियोजना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विभागीय जांच, सेक्टर पर्यवेक्षक की प्रतिवेदन तथा संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर देने के उपरांत यह स्पष्ट हुआ कि कार्य के प्रति लगातार लापरवाही एवं अनियमितता बरती गई। प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर स्वास्थ्य एवं बाल कल्याण समिति के निर्णय तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रचलित दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह कार्रवाई की गई।

 

यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों, गर्भवती माताओं और हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा का सशक्त संदेश है, जिनके कल्याण के लिए आंगनबाड़ी व्यवस्था संचालित की जाती है। यह कार्रवाई इस विश्वास को भी मजबूत करती है कि सत्य, धैर्य और प्रमाण के आधार पर उठाई गई आवाज़ अंततः न्याय तक अवश्य पहुँचती है।

 

शासन का स्पष्ट संदेश है—जनहित सर्वोपरि है। कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनियमितता और जवाबदेही से विमुख होने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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