*शांतिनगर गली नंबर 1 में असामाजिक तत्वों का डेरा,
1 महीने में 2 हत्याओं के बाद भी चिखली पुलिस सुस्त*

*शांतिनगर गली नंबर 1 में असामाजिक तत्वों का डेरा, 1 महीने में 2 हत्याओं के बाद भी चिखली पुलिस सुस्त*
*क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह राजनांदगांव।*
राजनांदगांव। चिखली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांतिनगर गली नंबर एक के निवासी इन दिनों भारी दहशत और खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र में सुबह होते ही अवैध नशे का कारोबार और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है, जो देर रात तक बेधड़क जारी रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गली में खुलेआम शराब और गांजे का सेवन करते युवक आसानी से देखे जा सकते हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या पर पुलिस प्रशासन पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है।
स्थिति यह है कि इलाके में असामाजिक तत्वों को कानून या पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जब भी इस संबंध में चिखली थाना में फोन कर शिकायत दर्ज कराई जाती है, तब भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या पेट्रोलिंग नहीं की जाती। पुलिस की इस निष्क्रियता और लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
सबसे खौफनाक पहलू यह है कि बीते एक महीने के भीतर इसी क्षेत्र में नशे और शराब की लत के कारण दो लोगों की हत्या जैसी जघन्य वारदातें हो चुकी हैं। दो-दो मर्डर की घटनाओं के बाद भी चिखली पुलिस का हरकत में न आना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्षेत्र के नागरिकों का गुस्सा अब चरम पर है और वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस विभाग किस बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?
निवासियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि शांतिनगर गली नंबर एक में तत्काल नियमित पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) शुरू की जाए और अवैध नशे की बिक्री व असामाजिक तत्वों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिक शांति और सुरक्षा महसूस कर सकें।
