नगरनिगम की खानापूर्ति पर उठे सवाल*
पुराना बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन के पास संचालित कई होटलों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी,
संवाददाता संगीता सिंह
, राजनांदगांव। 2026*
*पुराना बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन के पास संचालित कई होटलों में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी, नगरनिगम की खानापूर्ति पर उठे सवाल*
शहर के कई होटलों और रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी मानकों की भारी कमी है। दिल्ली की तरह यहां भी ऐसी लापरवाही सामने आ रही है। नगरनिगम द्वारा सुरक्षा ऑडिट के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। इससे पहले बजरंग होटल में आगजनी जैसी घटना हो चुकी है, इसके बाद भी सबक नहीं लिया गया है।
*बेसमेंट में किचन, वेंटिलेशन की कमी*
शहर के पुराना बस स्टैंड, रेल्वे स्टेशन में कई होटल और रेस्टोरेंट संचालित हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की भारी कमी देखी जा रही है। नया बस स्टैंड में कई लॉज संकरी जगह और बेसमेंट पर संचालित हो रहे हैं। शहर के मुख्य चौक और तंग गलियों में कई होटल मानकों की अनदेखी करके चलाए जा रहे हैं। इनमें बेसमेंट में किचन होना, वेंटिलेशन की कमी और आपातकालीन निकास का न होना गंभीर लापरवाही है।
*न फायर सिस्टम, न NOC*
होटलों में न ही फायर सिस्टम लगाया गया है और नही वेंटिलेशन के पर्याप्त इंतजाम हैं। ऐसे में शॉर्ट सर्किट और आगजनी की घटना व्यापक रूप ले सकती है। शहर में अधिकांश होटल बिना अग्निशमन विभाग से एनओसी लिए बगैर चल रहे हैं। जबकि निजी होटलों में फायर सिस्टम अनिवार्य है।
*निगम आयुक्त का बयान*
निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा का कहना है कि होटलों में सुरक्षा ऑडिट कराने टीम गठित किया जाएगा। पूर्व में भी जांच किया गया था। सभी मापदंडों की जांच की जाएगी।
*दिल्ली की घटना से सीख नहीं*
हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड के बाद होटलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोकल स्तर पर प्रशासन द्वारा भौतिक सत्यापन नहीं किया जाता है। आपातकालीन निकास चेक-इन करते समय ही सीढ़ियों और आपातकालीन रास्ता जरूरी है।
*पहले भी बनी थी टीम, रिपोर्ट नहीं हुई सार्वजनिक*
इससे पहले भी राज्य शासन द्वारा कोचिंग सेंटर की ऑडिट करने निर्देश दिए थे। जिसे लेकर राजनांदगांव निगम प्रशासन ने टीम भी बनाई थी। लेकिन आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
—
होटल में ठहरते समय आपातकालीन निकास और फायर सेफ्टी उपकरण जरूर चेक करें। शिकायत के लिए नगर निगम हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

