श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 में रामकृष्ण मठ में आयोजित होगें विभिन्न कार्यक्रम
अमित कुमार चावला /लखनऊ

लखनऊ. श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन रामकृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ के वृहद परिसर में दिनांक 16 अक्टूबर, 2026 दिन शुक्रवार से लेकर 21 अक्टूबर, 2026 दिन बुधवार तक रघुनन्दन स्मृति शास्त्र के अनुसार मनाया जायेगा तथा समस्त कार्यक्रम आधिकारिक यूट्यूब चैनेल: ‘रामकृष्ण मठ, लखनऊ’ के माध्यम से सीधा प्रसारित भी किया जायेगा।
रामकृष्ण मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत वर्षों की भाँति भक्तों एवं श्रद्धालुओं के लिए रघुनंदन स्मृति (शास्त्रीय आदेश) के अनुसार रामकृष्ण मठ की पवित्र परंपराओं के अनुसार उत्सव को उचित तरीके से मनाने एवं सुगम और सुरक्षित दर्शन हेतु इस वर्ष भी काफी वृहद व्यवस्था की गयी है। श्री श्री दुर्गोत्सव में सभी पूजा दिवसों पर पुष्पांजलि अर्पित करने सहित सभी कार्यक्रमों को इंटरनेट के माध्यम से प्रसारित करने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 17, 18, 19 एवं 20 अक्टूबर, 2026 को उपस्थित रहने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शको के लिए भंण्डारे की भी व्यवस्था रहेगी।
स्वामी जी ने बताया इस वर्ष दुर्गा पूजा प्रतिवर्ष की सामान्य पाँच दिनों की अवधि के स्थान पर छह दिनों तक मनाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि सप्तमी पूजा 17 अक्टूबर एवं 18 अक्टूबर, दोनों दिन संपन्न होगी। इस प्रकार, दुर्गा पूजा का आयोजन 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर, 2026 तक होगा।इस पूजा का मुख्य आर्कषण देवी दूर्गा की स्तुति है, जिसमे देवी की आठों रूपों का भिन्न भिन्न तरह से स्तुति की जायेगी, जैसें, घटा, नवपत्रिका, मृण्मयी प्रतिमा, शास्त्र ग्रन्थ (चण्ड़ी, सप्तशती), पाँच वर्ष की कुमारी, अग्नि (हवन) एवं विराट (रूप से वर्तमान जनता जनार्दन)। ऊपर दिए गये देवी दुर्गा के आठों रूपों का पारम्परिक पूजन प्रशिक्षित पुरोहितों के समूह द्वारा किया जाएगा।
पूजा में मुख्य संचालक (तंत्र धारक) स्वामी सत्यविदानन्द महाराज होंगे जो कि रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, मायलापुर, चेन्नई से आए है वही रामकृष्ण मठ, पुरी के ब्रह्मचारी सौम्यजीत पूजा करेंगे तथा रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, वृन्दावन के स्वामी प्रतिभानन्दजी महाराज धार्मिक पुस्तक से चण्ड़ीे पाठ करेंगें।
16 अक्टूबर,को सर्व प्रथम देवी जी का बोधन (आवाह्न) नौ प्रकार के पौधों में की जाती है, यथा: केला, काला घुईयॉ, हल्दी, जयन्ती, मन घुईयॉ, अशोक, धान, अनार एवं बेल।दिनांक 17 एवं 18 अक्टूबर को सप्तमी पूजा का शुभारंभ भक्तिगीतों से होगा, जिसके पश्चात पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
स्वामी मुक्तिनाथनंद ने आगे जानकारी देते हुए बताया।इस पूजा महोत्सव का मुख्य आकर्षण कुमारी पूजा है। जिसका आयोजन दिनांक 19 अक्टूबर, दिन सोमवार को प्रातः 9बजे से होगा। इसमे 5 वर्षीय एक कन्या के रूप में माँ दुर्गा की स्तुति की जाएगी।इस छः दिवसीय पूजा महोत्सव का चरम आकर्षण सन्धि पूजा है .इस पूजा महोत्सव के दौरान पार्श्व संगीत एवं मंत्र उच्चारण इत्यादि की व्यवस्था रहेगी इसके अतिरिक्त रामकृष्ण मिशन आश्रम, नरेन्द्रपुर के स्वामी शिवधीशानन्द जी द्वारा मधुर भजन की प्रस्तुति दी जायेगी।
पूजा में आने वाले भक्तों एवं दर्शकों को इस पूजा महोत्सव में विभिन्न प्रकार के निःशुल्क पाण्डालों की व्यवस्था भी की गयी है जैसे – निःशुल्क जूता घर, प्राथमिक उपचार आदि की व्यस्था प्रवेश द्वार पर की गयी है। साथ ही साथ कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने हेतु पाण्डाल परिसर मे क्लोज सर्कीट टी.वी. एवं कैमरा की व्यवस्था की गयी है ताकि कड़ी निगरानी रखी जा सके।


