100 दिन का लक्ष्य निर्धारित, निर्माणाधीन कम्पोजिट विद्यालय गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने होंगे- सीडीओ
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि- सीडीओ

ब्यूरो चीफ आयुष त्रिपाठी
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि- सीडीओ
जांच में निर्माण कार्य अधोमानक पाए जाने पर कार्यवाही के साथ होगी वसूली- सीडीओ
खण्ड विकास अधिकारियों को दी जिम्मेदारी,कार्यों को समय से और गुणवत्ता से पूर्ण कराएं
झांसी। मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जनपद के परिषदीय विद्यालयों में स्थित जर्जर भवनों/ ढांचों के ध्वस्तीकरण, सत्यापन एवं मूल्यांकन एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने जनपद के सभी विकासखंडों में परिषदीय विद्यालय परिसर में स्थित जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की, उन्होंने तीखे तेवर दिखाते हुए 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित किया और समस्त विद्यालयों का निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी विद्यालय परिसर में जर्जर भवन रहने से कोई अप्रिय घटना हो सकती है, जिन भवनों को पूर्व में जर्जर घोषित किया जा चुका है, उनका तत्काल ध्वस्तीकरण सुनिश्चित करते निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ ने तकनीकी समिति के अध्यक्ष श्री रजनीश कुमार अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के द्वारा वर्ष 2024-25 में ध्वस्तीकरण योग्य पाये गये विकासखंड बामौर के 01, मोंठ के 05, चिरगांव 03 एवं विकासखण्ड मऊरानीपुर के 17 जर्जर भवनों ढांचों का ध्वस्तीकरण 03 दिवस में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विकास खण्डों से प्राप्त वर्ष 2025-26 में 107 चिन्हित जर्जर विद्यालय परिसरो में स्थित भवनों ढाँचों की सत्यापन एवं मूल्यांकन आख्या 03 दिवस में उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सत्यापन उपरांत मरम्मत योग्य पाये गये विद्यालयों में खण्ड विकास अधिकारी को तत्काल मरम्मत का कार्य कराना सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में यदि निर्माण कार्य अधोमानक पाए जाते हैं, तो कार्यवाही के साथ वसूली भी की जाएगी। विकास भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने समग्र शिक्षा के अन्तर्गत वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 39 पुनः निर्माण प्राथमिक विद्यालय भवन, 20 पुनः निर्माण उच्च प्राथमिक विद्यालय भवन एवं 09 अतिरिक्त कक्षा- कक्ष का निर्माण कार्य 100 दिन में गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निश्चित लक्ष्य में पूर्ण करने हेतु खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अधिशासी अभियंता श्री रजनीश कुमार को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता हेतु निर्माण कार्य की प्रत्येक स्तर पर जाँच एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाये तथा कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। बैठक में उन्होंने ऐसे विद्यालय जहां रसोईघर का निर्माण नहीं है, वहां जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को रसोई घर के निर्माण का प्रस्ताव मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण को प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया ताकि वहां रसोईघर का निर्माण कराए जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खण्ड बामौर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जखौरा में पुनः निर्माण उच्च प्राथमिक विद्यालय भवन के निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता न होने पर तत्काल उप जिलाधिकारी गरौठा श्री सुनील कुमार से वार्ता करते हुए विद्यालय के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया। बैठक का संचालन श्री रमेश चन्द्र गुप्ता डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर निर्माण यूनिट, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने किया। बैठक में खण्ड विकास अधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह, श्री शिखर कुमार श्रीवास्तव, खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री वेद प्रकाश सिंह, श्री तीर्थराज यादव सहायक अभियंता, श्री मनोज लाक्षाकार अवर अभियंता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग सहित समस्त अवर अभियंता द्वारा प्रतिभाग किया गया।



