*छत्तीसगढ़ में नर्सिंग एडमिशन पर बड़ा अपडेट!
164 कॉलेजों की काउंसलिंग अटकी; 15 दिसंबर तक तारीख बढ़ाने की मांग!!*

*छत्तीसगढ़ में नर्सिंग एडमिशन पर बड़ा अपडेट! 164 कॉलेजों की काउंसलिंग अटकी; 15 दिसंबर तक तारीख बढ़ाने की मांग!!*
शेखर ठाकुर(संपादक)
रायपुर : छत्तीसगढ़ में नर्सिंग की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। कॉलेजों की मान्यता और तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी के कारण काउंसलिंग का कार्यक्रम अटका हुआ है। ऐसे में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) को पत्र लिखकर प्रवेश की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 दिसंबर 2026 करने की मांग की है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश कुमार अग्रवाल ने 26 अक्टूबर को इंडियन नर्सिंग काउंसिल के सचिव को पत्र भेजकर निर्धारित समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। विभाग का कहना है कि काउंसलिंग शुरू नहीं हो पाने के कारण अब निर्धारित अवधि में प्रवेश प्रक्रिया के सभी चरण पूरे करना संभव नहीं होगा। हालांकि, 15 दिसंबर तक तारीख बढ़ाने का प्रस्ताव अभी मंजूर नहीं हुआ है। इस पर इंडियन नर्सिंग काउंसिल का निर्णय आना बाकी है।नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता अटकने से काउंसलिंग में देरी छत्तीसगढ़ में इस वर्ष 164 नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जानी है। प्राप्त विवरण के अनुसार, इनमें 149 कॉलेजों को मान्यता मिल चुकी है, जबकि शेष 15 कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया लंबित है। इन कॉलेजों की मान्यता से संबंधित औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण प्रवेश की समय-सारिणी जारी करने में देरी हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, शेष कॉलेजों को भी जल्द मान्यता मिलने की उम्मीद है। इसके बाद संबंधित विश्वविद्यालय और चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रवेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेंगे। हालांकि, 27 अक्टूबर को प्रकाशित एक अन्य रिपोर्ट में 122 कॉलेजों को मान्यता और लगभग 35 से 40 कॉलेजों की प्रक्रिया लंबित होने की जानकारी दी गई थी। इसलिए 149 कॉलेजों के मान्यता प्राप्त होने संबंधी संख्या को ताजा उपलब्ध विवरण के रूप में देखा जाना चाहिए; अंतिम स्थिति के लिए परिषद की अद्यतन सूची जरूरी है।31 अक्टूबर की डेडलाइन नजदीक, विभाग ने मांगा अतिरिक्त समय इंडियन नर्सिंग काउंसिल की 24 सितंबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार, नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई थी। अब इस समय-सीमा को समाप्त होने में केवल तीन दिन शेष हैं, लेकिन प्रदेश में काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इसी स्थिति को देखते हुए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने प्रवेश की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 दिसंबर करने की मांग की है। विभाग ने बताया है कि काउंसलिंग के लिए पंजीयन, विकल्प चयन, सीट आवंटन और प्रवेश जैसे कई चरण पूरे करने होंगे। इसके लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। तारीख बढ़ने की मंजूरी मिलने पर विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।चिकित्सा शिक्षा विभाग ने चार प्रमुख नर्सिंग पाठ्यक्रमों, बी.एससी नर्सिंग, एम.एससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बी.एससी नर्सिंग और डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक नर्सिंग के लिए प्रवेश की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। इन पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की नई प्रस्तावित समय-सीमा 15 दिसंबर, 2026 है। ऑनलाइन मान्यता प्रक्रिया बनी देरी की वजह इस वर्ष छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (CGNRC) ने नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। नई व्यवस्था में कॉलेजों को मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद परिषद की निरीक्षण टीम संबंधित कॉलेज का निरीक्षण करती है और उपलब्ध सुविधाओं तथा आवश्यक मानकों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मान्यता प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। लेकिन शुरुआत में कुछ कॉलेजों की ओर से आवेदन करने में देरी हुई, जिससे निरीक्षण और मान्यता संबंधी कार्य प्रभावित हुए। परिणामस्वरूप, सभी कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी नहीं हो सकी। आधिकारिक चिकित्सा शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर भी अक्टूबर 2026 में नर्सिंग कॉलेजों के निरीक्षण और ऑनलाइन पोर्टल संबंधी अधिसूचना प्रकाशित की गई थी।छत्तीसगढ़ में इस साल खुले 12 नए नर्सिंग कॉलेज प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के तहत इस वर्ष 12 नए नर्सिंग कॉलेज शुरू होने की जानकारी दी गई है। इनमें नौ शासकीय और तीन निजी कॉलेज शामिल हैं। नए कॉलेजों के खुलने से नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। नर्सिंग कॉलेजों को प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के लिए निर्धारित मानकों और नियमों के अनुसार मान्यता तथा आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी होती है। इस प्रक्रिया में संस्थान की आधारभूत सुविधाएं, शिक्षकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण व्यवस्था और अन्य आवश्यक शर्तें महत्वपूर्ण होती हैं। निर्धारित सीटों से ज्यादा प्रवेश देने पर कॉलेज होंगे जिम्मेदार नर्सिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रवेश देते समय स्वीकृत सीटों की संख्या का पालन करना अनिवार्य है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित मानकों और संबंधित नियामक प्राधिकरणों की मंजूरी के अनुसार ही कॉलेजों में प्रवेश दिया जा सकता है। यदि कोई संस्थान स्वीकृत सीटों से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश देता है, तो संबंधित कॉलेज को नियमों के अनुसार जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ऐसे मामलों में विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी पात्रता और शैक्षणिक मान्यता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए विद्यार्थियों को किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता और स्वीकृत सीटों की पुष्टि करनी चाहिए। विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी, काउंसलिंग शेड्यूल का इंतजार नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। कई विद्यार्थी बीएससी नर्सिंग और अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिले की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अब तक काउंसलिंग का अंतिम कार्यक्रम जारी नहीं होने के कारण वे आगे की योजना तय नहीं कर पा रहे हैं। कॉलेजों की मान्यता पूरी होने के बाद ही अंतिम सीट मैट्रिक्स और प्रवेश प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल विद्यार्थियों को इंडियन नर्सिंग काउंसिल की ओर से समय-सीमा बढ़ाने पर होने वाले निर्णय और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अगली अधिसूचना का इंतजार है। आवेदक आधिकारिक छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा प्रवेश पोर्टल और छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल की वेबसाइट पर प्रवेश तथा मान्यता संबंधी जानकारी देख सकते हैं।
