* कांग्रेस के एक दिन के प्रदर्शन से क्या कुंभकरण की नींद सोया हुआ ‘ आबकारी विभाग ‘नींद से जागेगा *
"एक दिन की कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध शराब एवं कच्ची शराब का गोरख धंधा बंद हो जाएगा क्या ? बड़ा सवाल
✍️भारत संवाद ✍️
कालापीपल(बब्लू जायसवाल)कच्ची और अवैध शराब को लेकर क्षेत्र में समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं,जब कहीं अवैध शराब से जुड़ी घटना या हादसा सामने आता है,तब आबकारी विभाग की सक्रियता और कार्यवाही चर्चा में आ जाती है,ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है,क्या विभाग हादसे का इंतजार करता है या हादसे से पहले भी अवैध शराब के खिलाफ निगरानी और कार्यवाही होती है,ग्रामीण और आस-पास के क्षेत्रों में कच्ची शराब के निर्माण एवं बिक्री की शिकायतें सामने आने की स्थिति में विभाग की नियमित निगरानी कितनी प्रभावी है,यह जांच का विषय है,यदि अवैध शराब का कारोबार कहीं चल रहा है तो उस पर समय रहते अंकुश लगाने की जिम्मेदारी किसकी है,हादसे के बाद कार्यवाही से ज्यादा जरूरी है पहले रोक-थाम अवैध शराब से जुड़े मामलों में कार्यवाही होना जरूरी है,लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण है कि कार्यवाही हादसे के बाद नहीं,बल्कि उससे पहले हो,विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण,शिकायतों पर तत्काल जांच और अवैध गतिविधियों की रोक-थाम पर ध्यान देना चाहिए,लोगों के बीच यह सवाल चर्चा में है कि आखिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी सक्रिय है ? क्या अवैध शराब के संभावित ठिकानों की नियमित जांच होती है और यदि होती है तो फिर शिकायतें या मामले सामने आने तक कार्यवाही क्यों नहीं दिखाई देती ? हादसे के बाद जागना नहीं,हादसे से पहले रोकथाम करना ही असली जिम्मेदारी है।



