कृषि केंद्रों पर प्रशासन का बड़ा छापा;
अनियमितता मिलने पर कई दुकानें सील, कलेक्टर जितेंद्र यादव के सख्त निर्देश
क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह राजनांदगांव:
कृषि केंद्रों पर प्रशासन का बड़ा छापा; अनियमितता मिलने पर कई दुकानें सील, कलेक्टर जितेंद्र यादव के सख्त निर्देश
राजनांदगांव।
खेती-किसानी के सीजन की शुरुआत होते ही किसानों को नकली खाद-बीज और कालाबाजारी से बचाने के लिए राजनांदगांव जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर जिेंद्र यादव के सख्त निर्देशन में कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न कृषि केंद्रों और खाद-बीज भंडारों पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान भारी अनियमितता पाए जाने पर कई प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
कलेक्टर की इस कड़क कार्रवाई से जिले के कृषि व्यवसायियों और कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, दस्तावेजों में मिली गड़बड़ी
कृषि विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन को पिछले कुछ दिनों से कृषि केंद्रों में निर्धारित दाम से अधिक पर खाद-बीज बेचने और स्टॉक में हेरफेर की शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर जितेंद्र यादव ने एक विशेष जांच दल का गठन किया।
जांच टीम ने जब विभिन्न कृषि केंद्रों पर दबिश दी, तो वहां स्थिति चौंकाने वाली थी। कई दुकानों में:
स्टॉक पंजी (Stock Register) अपडेट नहीं थी।
दुकानों के बाहर अनिवार्य रूप से लगाया जाने वाला ‘मूल्य सूची बोर्ड’ गायब था।
बिना वैध लाइसेंस या बिना बिल के सामग्री बेचने के मामले सामने आए।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया और दोषी दुकानों को सील कर दिया।
“किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता तथा सही कीमत सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी विक्रेता तय नियमों का उल्लंघन करते हुए या कालाबाजारी करते हुए पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— जितेन्द्र यादव, कलेक्टर, राजनांदगांव
किसानों ने जताई राहत, प्रशासन की पहल को सराहा
खरीफ सीजन के ठीक पहले प्रशासन द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई का स्थानीय किसानों ने स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि सीजन के समय कुछ व्यापारी कृत्रिम कमी दिखाकर महंगे दामों पर खाद-बीज बेचते हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ जाती है। कलेक्टर के इस कड़े रुख से अब उन्हें सही दाम पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्रियां मिल सकेंगी।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
कृषि विभाग के उप-संचालक ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले के सभी विकासखंडों में निरीक्षण दलों को सक्रिय कर दिया गया है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि केंद्रों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि दूर-दराज के किसानों को कोई ठग न सके।



