
लखनऊ.वित्त वर्ष 2026 में इंडियन बैंक के कार्यनिष्पादन का आधार संवृद्धि, गुणवत्ता और प्रतिलाभ है।कुल कारोबार में 12.79 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें ऋण संस्वीकृति बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई,खुदरा, कृषि एमएसएमई और कॉर्पोरेट जैसे सभी क्षेत्रों में शानदार तेज़ी देखने को मिली।
जमा में 12.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई,कासा (देशी) जमा का मुख्य आधार बना रहा, जिसने दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की और 39.67 प्रतिशत का बेहतरीन अनुपात बनाए रखा।
वित्त वर्ष 26 में निवल लाभ वर्ष-दर-वर्ष 11.33 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹12,156 करोड़ रहा।
निवल लाभ मार्च 2025 में ₹ 2956 करोड़ के सापेक्ष मार्च 2026 में 4.97 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि के साथ ₹ 3103 करोड़ रहा।
परिचालनगत लाभ मार्च 25 में ₹ 5019 करोड़ के सापेक्ष मार्च 26 में 5.32 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि के साथ ₹ 5286 करोड़ रहा।
निवल ब्याज आय मार्च 25 में ₹ 6389 करोड़ के सापेक्ष मार्च 26 में 11.27 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि के साथ ₹ 7109 करोड़ रही।
शुल्क आधारित आय मार्च 25 में ₹ 918 करोड़ के सापेक्ष मार्च 26 में 19.04 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष की वृद्धि के साथ ₹ 1092 करोड़ हो गई।
जमा पर लागत मार्च 25 में 5.10 प्रतिशत के सापेक्ष मार्च 26 में 27 बीपीएस घटकर 4.83 हो गई।
निधियों की लागत मार्च 26 में 5.21 प्रतिशत के सापेक्ष मार्च 2026 में 33 बीपीएस घटकर 4.88 प्रतिशत हो गई।
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ बिनोद कुमार ने कहा “हमने सक्रिय पहलों के साथ एक शानदार तिमाही का समापन किया है, जो संवृद्धि, नवाचार और समावेशन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। सुदृढ़ अभिशासन, अंतर्निहित आघात-सहनीयता और अत्यंत समर्पित कार्यबल हमारी सतत सफलता के मार्ग को प्रशस्त करते हैं। हम सुदृढ़ आस्ति गुणवत्ता और भविष्योन्मुखी नवाचार को निरंतर उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन के साथ समेकित कर वास्तविक एवं स्थायी मूल्य का सृजन कर रहे हैं। हमारे प्रत्येक कार्य क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु ग्राहकोन्मुखता है, जिसमें डिजिटल रूपांतरण हमारे दैनिक अनुभवों को गति प्रदान कर और बेहतर बनाता है। समेकित उद्देश्य और आत्मविश्वास से ओत-प्रोत होकर, हम और अधिक मजबूती एवं सूझ-बूझ के साथ भावी चुनौतियों के प्रति सजग होकर भविष्य की ओर अग्रसर हैं। “



