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सिर्फ नियुक्ति नहीं, सियासी संकेत भी; कांटाफोड़ से कांग्रेस का नया प्रयोग पहली बार मुस्लिम समाज को मिली मंडलम की कमान, 3000 से अधिक वोटों वाले वर्ग को साधने की चर्चा

कांटाफोड़ – देवास जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण द्वारा संगठन सृजन अभियान के तहत घोषित मंडलम अध्यक्षों की सूची ने क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। कांग्रेस ने इस बार नियुक्तियों में सामाजिक और जातीय संतुलन साधने का प्रयास किया है, लेकिन सबसे अधिक चर्चा कांटाफोड़ मंडलम अध्यक्ष पद पर हाजी रजाक खान सदर की नियुक्ति को लेकर हो रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं बल्कि एक सोचा-समझा सियासी संकेत भी है। कांटाफोड़ मंडल क्षेत्र में मुस्लिम समाज के करीब तीन हजार से अधिक मतदाता प्रभाव रखते हैं और लंबे समय से यह वर्ग स्थानीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में पहली बार मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि को मंडलम अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह हर वर्ग को संगठन में भागीदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, जिला प्रभारी विनय बाकलीवाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विष्णु मीणा एवं पीसीसी सदस्य मनोज होलानी की अनुशंसा और सहमति के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी ने मंडलम अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की।
घोषित मंडलम अध्यक्षों में हाजी रजाक खान सदर (कांटाफोड़), मनोज तापड़िया (लोहारदा), राजेंद्र बामनावत (डांगराखेड़ा), दिलीप पटेल नायक (सुरमन्या-इकलेरा), रामोतार परते (भायली-जिनवाणी) तथा अनूप छानवाल (सुन्दरेल-बधावा) शामिल हैं।
कांटाफोड़ बना चर्चा का केंद्र
सूची जारी होते ही राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा कांटाफोड़ मंडल को लेकर शुरू हो गई। क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि कांग्रेस ने केवल संगठन विस्तार नहीं किया, बल्कि भविष्य के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश भी दिया है। मुस्लिम समाज को संगठन में प्रमुख जिम्मेदारी सौंपकर पार्टी ने उस वर्ग को सीधा राजनीतिक संदेश दिया है, जिसकी क्षेत्रीय चुनावों में निर्णायक भूमिका मानी जाती है।
सभी वर्गों को साधने की कोशिश
मंडलम अध्यक्षों की सूची पर नजर डालें तो कांग्रेस ने अलग-अलग समाजों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को भी साधना चाहती है, ताकि आगामी चुनावों में इसका लाभ मिल सके।
नव नियुक्त मंडलम अध्यक्षों को कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की उम्मीद जताई है।

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