बिजली कटौती से हाहाकार, लखनऊ तक पहुंची पुकार..
सपा नेता शाहिद समाजवाद ने निदेशक को दिया शिकायती पत्र

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के अंतर्गत आने वाली तहसील बेल्थरा रोड और इसके ग्रामीण इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती ने आम जनमानस का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्र में चरमराई विद्युत व्यवस्था को लेकर अब स्थानीय स्तर पर आक्रोश बढ़ने लगा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के निदेशक से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

24 घंटे में महज 8 से 10 घंटे मिल रही बिजली
स्थानीय नागरिक और सपा के युवा नेता शाहिद समाजवाद द्वारा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, शक्ति भवन (लखनऊ) के निदेशक से उनके कार्यालय पर मिलकर एक शिकायती पत्र सौंपा गया है। 15 जून 2026 को दिए गए इस पत्र में बेल्थरा रोड क्षेत्र की बिजली की बदतर स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया है। पत्र के अनुसार, बेल्थरा रोड तहसील का सब-स्टेशन शहरी क्षेत्र हो या फिर ग्रामीण क्षेत्र का सोनाडीह फीडर, दोनों ही जगहों पर बड़े पैमाने पर अघोषित और भारी बिजली कटौती की जा रही है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि चौबीस घंटों में से लोगों को बमुश्किल 8 से 10 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है।
जून महीने की इस रिकॉर्ड तोड़ और भीषण गर्मी में लगातार हो रही कटौती की वजह से स्थानीय निवासियों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पेयजल आपूर्ति से लेकर व्यापारिक गतिविधियां और रोजमर्रा के कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। शिकायतकर्ता शाहिद समाजवाद (निवासी: ग्रामसभा- बांसपार, बहोरवा, तहसील- बेल्थरा रोड, बलिया) ने बताया है कि अघोषित कटौती के कारण आम जनता का जीवन आधा-अधूरा होकर रह गया है। रात-रात भर बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई है।
उच्च स्तरीय जांच और समाधान की मांग
पावर कॉरपोरेशन के निदेशक को दिए गए इस पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि इस भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए बेल्थरा रोड क्षेत्र की पूरी बिजली व्यवस्था की एक उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, जर्जर तारों, सब-स्टेशन की कमियों या फीडर स्तर पर होने वाली लापरवाही को दुरुस्त कर आम जनता को इस संकट से तत्काल राहत दिलाई जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे।


