स्लग: पहली बारिश में जसूजा सिटी की खुली पोल, विकास के दावों की निकली हवा
स्लग: पहली बारिश में जसूजा सिटी की खुली पोल, विकास के दावों की निकली हवा
रिपोर्टर: मोहित संघी
जबलपुर। पहली ही बारिश ने जसूजा सिटी में विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी अब जनता की समस्याओं से मुंह मोड़े बैठे हैं। सड़कें बदहाल हैं, जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है और अधूरी नालियां लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क और नाला निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। पहली बारिश के साथ ही कॉलोनी में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे आम नागरिकों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। अधूरी छोड़ी गई नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
निवासियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान नेता वोट मांगने तो पहुंच जाते हैं, लेकिन जीत के बाद क्षेत्र की सुध लेने कोई नहीं आता। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि करोड़ों रुपये के विकास दावों के बावजूद जसूजा सिटी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। जनता का सवाल है कि आखिर अधूरे निर्माण कार्यों और बदहाल व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?
पहली बारिश ने साफ कर दिया है कि कागजों में विकास और जमीनी हकीकत में कितना बड़ा अंतर है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कुंभकरणी नींद से जागते हैं या फिर जसूजा सिटी के लोग इसी तरह समस्याओं के बीच जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।

