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*मास्टरमाइंड महेंद्र गोयनका 1000 करोड़ के फ्रॉड में गिरफ्तार

भाजपा विधायक के परिवार की कंपनियों पर कब्जे की साजिश का खुलासा!* 

*संवाददाता संगीता सिंह राजनांदगांव* 

*मास्टरमाइंड महेंद्र गोयनका 1000 करोड़ के फ्रॉड में गिरफ्तार, भाजपा विधायक के परिवार की कंपनियों पर कब्जे की साजिश का खुलासा!* 

 

 

रायपुर छत्तीसगढ़ एक विश्वासघात की कहानी जो बड़े कारोबार, फर्जी दस्तावेजों और करोड़ों के गबन की दुनिया में घूमती है। रायपुर निवासी बिजनेसमैन महेंद्र गोयनका को कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से 18 जुलाई 2026 की देर रात गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। यह मामला मध्य प्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की कंपनियों से जुड़ा है, जहां गोयनका ने कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों, दस्तावेजों और साजिश के जरिए करीब 1000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

 

कैसे शुरू हुआ यह खेल?

महेंद्र गोयनका मूल रूप से अनूपपुर जिले के कोतमा का रहने वाला है और वर्तमान में रायपुर में बस गया। वह यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (मुख्यालय कोलकाता) में प्रबंधन के अहम पद पर तैनात था। पुलिस के अनुसार, गोयनका ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंपनी के वित्तीय संसाधनों में हेराफेरी की। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी मीनू गोयनका के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, कंपनी के दो अधिकृत निदेशकों (पाठक परिवार से जुड़े) के हस्ताक्षर जालसाजी से बनाए और उन्हें पद से हटा दिया। उनकी जगह अपने चार सहयोगियों को निदेशक नियुक्त कर कंपनी पर कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान कंपनी का माल बेचकर बड़े पैमाने पर गबन भी किया गया। कोलकाता पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र), 467, 468 और 471 (जालसाजी) के तहत केस दर्ज किया है।

 

 

कानूनी लड़ाई और NCLT की सख्ती:

पाठक परिवार के निदेशकों ने कटनी के कोतवाली और माधवनगर थाने में भी जालसाजी के मामले दर्ज कराए। मामला निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन गोयनका पक्ष को कोई राहत नहीं मिली। मई 2025 में NCLT मुंबई बेंच ने गोयनका और उनकी पत्नी के खिलाफ वित्तीय गबन के आरोपों पर कड़ी टिप्पणी की थी। गोयनका की दूसरी कंपनी निसर्ग इस्पात से जुड़ी अनियमितताएं भी जांच के दायरे में हैं। कटनी में उनके खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

 

पुलिस की आगे की योजना:

रिमांड के दौरान कोलकाता पुलिस गोयनका से पूछताछ कर रही है। मकसद है — पूरी साजिश का खुलासा, गबन की गई राशि का पता लगाना और फरार अन्य आरोपियों को पकड़ना। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। यह घटना कारोबारी जगत में विश्वासघात की एक और मिसाल पेश करती है, जहां अंदरूनी व्यक्ति ही सबसे बड़ा खतरा बन जाता है। जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

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