18.93 लाख रुपये की साइबर ठगी का एक और आरोपी गिरफ्तार, मध्यप्रदेश से दबोचा

बारां, 20 जुलाई। बारां साइबर थाना पुलिस ने 18 लाख 93 हजार रुपये की ऑनलाइन एफडी तोड़कर की गई साइबर ठगी के बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को मध्यप्रदेश के मैहर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते और मोबाइल सिम हासिल करता था तथा उन्हें बिहार और मध्यप्रदेश के साइबर ठग गिरोहों को कमीशन पर उपलब्ध कराता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की राशि की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि यह मामला एक वर्ष पुराने साइबर अपराध से जुड़ा है। परिवादिया द्रौपदी बाई निवासी बारां ने शिकायत दी थी कि उनके पति को डूब क्षेत्र में आई कृषि भूमि के बदले मिले मुआवजे की राशि बैंक में एफडी के रूप में जमा थी। जून 2025 में जब वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बिना किसी ओटीपी या अनुमति के ऑनलाइन एफडी तुड़वाकर 18 लाख 93 हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद साइबर थाना बारां में भारतीय न्याय संहिता एवं आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी जांच से खुली गिरोह की परतें मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित कर बैंक खातों, तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। जांच के दौरान ठगी की राशि मध्यप्रदेश के मैहर निवासी राजन साकेत के खाते में पहुंचना सामने आया। इसके आधार पर पुलिस ने पहले मैकेनिकल इंजीनियर श्रीकांत लखेर को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में गिरोह के एक अन्य सदस्य विनोद सिंह की भूमिका उजागर हुई, जिसे अब मैहर जिले से गिरफ्तार किया गया है। बैंक खाते और सिम बेचकर कमाता था कमीशन पूछताछ में आरोपी विनोद सिंह ने खुलासा किया कि उसने मार्केटिंग में एमबीए किया है, लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर उसने साइबर अपराधियों का साथ पकड़ लिया। वह ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता और मोबाइल सिम प्राप्त करता था। बाद में इन्हें बिहार और मध्यप्रदेश में सक्रिय साइबर ठग गिरोहों को कमीशन के बदले बेच देता था। आरोपी इंजीनियर श्रीकांत के साथ मिलकर कई लोगों के बैंक खाते और सिम अपराधियों तक पहुंचाता रहा। एटीएम और सिम से तोड़ी एफडी, उड़ाए लाखों रुपये जांच में सामने आया कि गिरोह ने खाताधारक के एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम का उपयोग कर बैंक खाते की एक्सेस प्राप्त की। इसके बाद ऑनलाइन एफडी तोड़कर 18.93 लाख रुपये निकाल लिए। राशि का बड़ा हिस्सा विभिन्न माध्यमों से निकालकर ठिकाने लगा दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। कई और खातों का इस्तेमाल, गिरोह की तलाश जारीपुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई अन्य लोगों के बैंक खाते खरीदकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। बिहार और मध्यप्रदेश में सक्रिय गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है। ठगी गई राशि की बरामदगी के लिए भी प्रयास जारी हैं। पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी साइबर थाना पुलिस ने इससे पहले 16 जुलाई 2026 को इस मामले में खाताधारक राजन साकेत और इंजीनियर श्रीकांत को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने संदिग्ध खातों में 4.58 लाख रुपये होल्ड भी कराए हैं, जिन्हें न्यायालय के आदेश के बाद परिवादी के खाते में वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
सहयोगी पुलिस टीम
इस कार्रवाई में साइबर थाना बारां के पुलिस निरीक्षक भंवर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उप निरीक्षक सुकेंद्र सिंह, उप निरीक्षक मोहनलाल, हेड कांस्टेबल दिग्विजय सिंह, कांस्टेबल दिलीप सिंह तथा कांस्टेबल लक्ष्मण शामिल रहे।

