रामकृष्ण मठ में श्रीश्री दुर्गा देवी के काठामो पूजा के उपलक्ष्य में भव्य सितार वादन कार्यक्रम सम्पन्न
अमित चावला/ लखनऊ

श्रीश्री ठाकुर जी की संध्या आरती के उपरान्त रामकृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ में श्रीश्री दुर्गा देवी के काठामो पूजा के उपलक्ष्य में शनिवार, 18 जुलाई, 2026 को मठ सभागार में एक भव्य सितार वादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज द्वारा कलाकारों के परिचय एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के स्वागत के साथ हुआ।
इस अवसर पर कोलकाता के सुप्रसिद्ध सितार वादक पार्थ प्रतिम राय ने अपनी मनोहारी प्रस्तुति दी, जबकि लखनऊ के सुप्रसिद्ध तबला वादक पार्थ प्रतिम मुखर्जी ने तबले पर सुमधुर संगत की। श्री राय ने राग रागेश्री की प्रस्तुति देते हुए आलाप, जोड़, झाला तथा दो बंदिशें प्रस्तुत कीं। पहली विलंबित गत पंडित निखिल बनर्जी द्वारा रचित थी तथा दूसरी द्रुत तीनताल में प्रस्तुत की गई। श्री पार्थ प्रतिम मुखर्जी की उत्कृष्ट तबला संगत ने प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। कलाकारों की साधनापूर्ण प्रस्तुति से सभागार में उपस्थित सभी श्रद्धालु एवं संगीतप्रेमी मंत्रमुग्ध हो गए।
पार्थ प्रतिम राय देश के प्रतिष्ठित सितार वादकों एवं संगीतकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने पंडित देवीप्रसाद चटर्जी से सितार की प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त की तथा मैहर घराने के विख्यात आचार्यों स्वर्गीय पंडित निहारबिंदु चौधरी एवं संगीताचार्य अजय सिन्हा राय से संगीत की उच्च शिक्षा ग्रहण की। इसके अतिरिक्त उन्होंने पंडित अनिल पालित, पंडित पार्थ चटर्जी, संगीताचार्य भूपतिनाथ मुखर्जी सहित अनेक प्रतिष्ठित संगीतज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त किया है।
वे एक सफल एकल कलाकार होने के साथ-साथ संगीतकार भी हैं तथा फ्यूजन संगीत के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी अनेक संगीत प्रस्तुतियाँ और एल्बम देश-विदेश में प्रकाशित एवं प्रसारित हो चुके हैं। वे सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी), नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल सरकार, स्पिक मैके, पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईज़ेडसीसी), इंडियन परफॉर्मिंग राइट्स सोसाइटी (आईपीआरएस) तथा आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से भी संबद्ध हैं।
कार्यक्रम के समापन पर स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज ने दोनों कलाकारों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न तथा मठ द्वारा प्रकाशित दीवार एवं टेबल कैलेंडर भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं संगीतप्रेमियों ने कार्यक्रम का आनंद लिया। कार्यक्रम का समापन उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण के साथ हुआ।


