*चिखली मर्डर केस में बड़ा खुलासा: एक से अधिक आरोपियों के शामिल होने की आशंका,
मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद; हिरासत में संदेही सुनील वर्मा*

*चिखली मर्डर केस में बड़ा खुलासा: एक से अधिक आरोपियों के शामिल होने की आशंका, मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद; हिरासत में संदेही सुनील वर्मा*
*क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह राजनांदगांव।*
राजनांदगांव। चिखली थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 6, दीनदयाल कॉलोनी स्थित ‘शर्मा निवास’ (साईं किराना स्टोर के सामने) में हुई सनसनीखेज हत्या की वारदात में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। रामनगर निवासी अर्जुन बागवानी (30 वर्ष) की निर्मम हत्या के मामले में अब यह प्रबल आशंका जताई जा रही है कि इस खूनी खेल में एक से अधिक आरोपी शामिल हैं।
मौके से मिले अहम सुराग, फॉरेंसिक और साइबर टीम सक्रिय
घटनास्थल पर पहुंची सीएसपी वैशाली जैन, साइबर सेल और चिखली पुलिस की टीम ने वैज्ञानिक पद्धतियों से जांच शुरू कर दी है। पुलिस को मौके से कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य और सुराग बरामद हुए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि हत्या जिस तरीके से की गई है और जिस तरह से साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया गया, वह किसी एक व्यक्ति के बस की बात नजर नहीं आती। संभवतः योजनाबद्ध तरीके से कुछ अन्य मददगारों के साथ मिलकर इस कत्ल को अंजाम दिया गया है।
ताला लगाकर भागा था संदेही, पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी
प्राथमिक जांच के अनुसार, शर्मा निवास में किराए पर रहने वाला सुनील वर्मा वारदात के बाद मकान के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रथम दृष्टया संदेह के आधार पर सुनील वर्मा को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में शामिल उसके अन्य साथियों और हत्या के पीछे की असल वजहों का पूरी तरह खुलासा हो सके।
प्रॉपर्टी का विवाद या कोई और रंजिश?
शुरुआती दौर में मृतक अर्जुन बागवानी और संदेही सुनील वर्मा के बीच प्रॉपर्टी डीलिंग को लेकर लंबे समय से विवाद चलने की बात सामने आई थी। हालांकि, मौके से मिले नए साक्ष्यों और बहु-आरोपी एंगल सामने आने के बाद पुलिस अब लेनदेन के अलावा अन्य संभावित कारणों पर भी गहनता से तफ्तीश कर रही है।
30 दिनों में दो हत्याएं: कानून-व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
दीनदयाल कॉलोनी क्षेत्र में महज एक महीने के भीतर दो-दो मर्डर होने से पूरे राजनांदगांव शहर में दहशत का माहौल है। वारदात के बाद बेखौफ होकर घर में ताला लगाकर भाग निकलना और सामूहिक संलिप्तता की आशंका पुलिस के सूचना तंत्र और मुस्तैदी पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले घंटों में पुलिस की आगे की कार्रवाई में क्या-क्या नए तथ्य उजागर होते हैं, वारदात में इस्तेमाल हथियार कब बरामद होता है और मामले में शामिल अन्य चेहरों से नकाब कब हटता है।
