लाइफ सर्टिफिकेट’ के लिए नहीं भटकेंगे पेंशनर, घर बैठे मिलेगी सुविधा
नवंबर में चलेगा राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशनभोगियों का घर बैठे होगा सत्यापन

बलिया। पेंशनभोगियों की सुविधा और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नवंबर 2026 में राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान चलाया जाएगा। भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की इस पहल के तहत पेंशनभोगियों को बैंक या कोषागार जाने की परेशानी से राहत दिलाने तथा घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार अभियान से संबंधित एजेंडा बिंदुओं पर विभागीय प्रस्तुतीकरण तैयार करने और समीक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

फेस ऑथेंटिकेशन से बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र
वरिष्ठ कोषाधिकारी बलिया, अभिषेक वर्मा ने बताया कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य पेंशनभोगियों, विशेषकर अति वरिष्ठ नागरिकों और अस्वस्थ पेंशनरों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया आसान बनाना है। इसके लिए एंड्रॉयड स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा को बढ़ावा दिया जाएगा। इस सुविधा से पेंशनभोगियों को बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी। उम्र बढ़ने के साथ उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं रहने वाले बुजुर्गों के लिए फेस ऑथेंटिकेशन विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। इससे उन्हें अनावश्यक यात्रा और कागजी औपचारिकताओं से भी राहत मिलेगी।
डाक विभाग की मदद से घर पहुंचेगी सुविधा
जो पेंशनभोगी उम्र या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण घर से बाहर जाने में असमर्थ हैं, उनके लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की डोरस्टेप सेवा भी उपयोगी होगी। इसके माध्यम से डाकिया घर पहुंचकर निर्धारित डिजिटल या बायोमेट्रिक प्रक्रिया के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में सहायता कर सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी राहत राष्ट्रीय डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों के लिए प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाना है। डिजिटल माध्यमों और घर पहुंच सेवा के जरिए विशेष रूप से बुजुर्ग एवं अस्वस्थ पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है। अभियान से पेंशन संबंधी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने और डिजिटल सुविधाओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।



