
धीरज साहू/सीहोर। सिद्धपुर नगर सीहोर में गुरुवार को महादेव की होली श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस पावन अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। प्रातः लगभग 10 बजे चमत्कारेश्वर मंदिर में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर केसरिया जल अर्पित किया। पूजा-अर्चना के साथ ही महादेव की होली उत्सव का शुभारंभ हुआ।
इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और भगवान महादेव को रंग-गुलाल अर्पित कर होली का आनंद लिया। भक्तों ने भोलेनाथ के जयकारों के साथ एक-दूसरे को रंग लगाकर उत्सव की खुशियां साझा कीं। पूरे सिद्धपुर नगर में भक्ति और उत्साह का अनोखा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं, जिनमें भगवान शिव और पार्वती सहित विभिन्न धार्मिक झलकियां प्रस्तुत की गईं। इन झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और लोग उन्हें देखने के लिए उत्साहित नजर आए। वहीं डीजे की धुनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे और उत्सव का आनंद लिया। महादेव की होली में आदिवासी संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। भगोरिया नृत्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जिसमें कलाकारों और युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शानदार प्रस्तुति दी। ढोल-मांदल की थाप पर प्रस्तुत किए गए इस नृत्य ने वातावरण को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। श्रद्धालु भी इस नृत्य के साथ थिरकते नजर आए और पूरे परिसर में उल्लास का माहौल बन गया।जानकारी के अनुसार, पहले इस परंपरा को नवाबों की होली के नाम से जाना जाता था। समय के साथ इस परंपरा को नई पहचान मिली और अब इसे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में महादेव की होली के रूप में मनाया जा रहा है। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी है, बल्कि सनातन संस्कृति और परंपराओं को भी नई पहचान प्रदान की है।इस अवसर पर महिला, पुरुष, युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ रंगों का यह पावन उत्सव मनाया। नगरवासियों का कहना था कि महादेव की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आस्था, एकता और सनातन संस्कृति का प्रतीक बन चुका है।दिनभर सिद्धपुर नगर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। श्रद्धालु भक्ति और उल्लास के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए और आयोजन को सफल बनाने में नगरवासियों का विशेष सहयोग रहा। पूरे नगर में हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।


