*धरना, विरोध-प्रदर्शन और चक्का जाम—क्या इन्हीं से बनेगा जनता का काम?*
चिखली-खैरागढ़ मार्ग की बदहाली, सफाई व्यवस्था, क्षतिग्रस्त डिवाइडर, बिजली और अंडरब्रिज निर्माण में देरी को लेकर नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन

*धरना, विरोध-प्रदर्शन और चक्का जाम—क्या इन्हीं से बनेगा जनता का काम?*
*संवाददाता गिरधारी सावरकर।*
चिखली-खैरागढ़ मार्ग की बदहाली, सफाई व्यवस्था, क्षतिग्रस्त डिवाइडर, बिजली और अंडरब्रिज निर्माण में देरी को लेकर नागरिकों ने सौंपा ज्ञापन
चिखली-खैरागढ़ मार्ग के अधूरे निर्माण और जगह-जगह बने गड्ढों से लेकर शहर की बदहाल साफ-सफाई व्यवस्था, स्टेट हाईवे पर क्षतिग्रस्त डिवाइडर, हाईवे एवं शहर की गलियों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव, बिजली के अत्यधिक बिल तथा अंडरब्रिज निर्माण में हो रही देरी जैसी विभिन्न समस्याओं को लेकर चिखली, स्टेशन पारा और शंकरपुर वार्ड के नागरिकों ने आज संबंधित विभिन्न विभागों में ज्ञापन सौंपा। नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से इन समस्याओं के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। सड़क की बदहाली के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं अंडरब्रिज निर्माण में हो रही देरी से भी नागरिकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिवस के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया अथवा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो रविवार 13 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे से विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम भी किया जाएगा। मौके पर उपस्थित नागरिकों ने स्पष्ट किया कि इन समस्याओं से जुड़े संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को आंदोलन स्थल पर उपस्थित होकर नागरिकों की समस्याएं सुननी होंगी और उनके समाधान के लिए ठोस कार्रवाई करनी होगी। नागरिकों ने आंदोलन को आर-पार की लड़ाई बताते हुए कहा कि लंबे समय से समस्याओं को लेकर शिकायत और ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़क से हटने से भी इनकार किया जाएगा।

अब देखना यह होगा कि नागरिकों की चेतावनी के बाद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं, या फिर जनता को अपनी जायज मांगों के लिए धरना, विरोध-प्रदर्शन और चक्का जाम का ही सहारा लेना पड़ेगा।


