E-Paperhttps://bharatsamvadtv.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifक्राइमछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़देशमध्य प्रदेशराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़

*पुलिस की नाक के नीचे अवैध अहातों’ का साम्राज्य:

मंदिर हसौद में नियम-कानून ताक पर, शराबियों के आतंक से त्रस्त ग्रामीण* 

*पुलिस की नाक के नीचे अवैध अहातों’ का साम्राज्य: मंदिर हसौद में नियम-कानून ताक पर, शराबियों के आतंक से त्रस्त ग्रामीण* 

 

 शेखर ठाकुर संपादक छत्तीसगढ़।

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का ग्रामीण पुलिस इलाका इन दिनों अवैध गतिविधियों का गढ़ बनता जा रहा है। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र से आ रही तस्वीरें और खबरें कानून व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी हैं। क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध चकना सेंटरों और बेखौफ शराबियों के चलते आम जनता, खासकर महिलाओं और बच्चों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन स्थानीय पुलिस गहरी नींद में सोई हुई है।

 

 

शराब भट्टी के 1 किमी के दायरे में ‘ओपन बार’

 

 

नियमों के मुताबिक शराब दुकान के आसपास खुले में शराब पीना सख्त मना है, लेकिन मंदिर हसौद क्षेत्र में सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शराब भट्टी से लेकर लगभग 1 किलोमीटर के दायरे में शराबी अपनी बोतलें लेकर सड़कों, चौराहों और मैदानों में डेरा जमाए रहते हैं। स्थिति यह हो चुकी है कि मुख्य सड़कों पर ही खुलेआम ‘ओपन बार’ संचालित हो रहे हैं।

 

 

पुलिस की ‘रहस्यमयी’ खामोशी पर उठ रहे सवाल

 

 

हैरानी की बात यह है कि मंदिर हसौद पुलिस को इस भारी अव्यवस्था की भनक तक नहीं है। या यूं कहें कि पुलिस सब कुछ जानकर भी अनजान बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पुलिसिया संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध चकना सेंटर चलना नामुमकिन है। पुलिस की इस सुस्ती और ‘नो-एक्शन’ मोड ने खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पुलिस किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है?

 

सामाजिक ताना-बाना छिन्न-भिन्न, महिलाओं और बच्चों का निकलना दूभर

 

इस अवैध कारोबार का सबसे डरावना असर स्थानीय समाज पर पड़ रहा है। शराबियों के हुड़दंग, गाली-गलौज और बीच सड़क पर गाड़ियों के जमावड़े के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रताड़ित क्षेत्र की महिलाएं और स्कूल जाने वाले बच्चे हो रहे हैं। शाम होते ही इस मार्ग से महिलाओं और बच्चियों का गुजरना दूभर हो गया है। शराबियों की फब्तियों और असुरक्षित माहौल के डर से लोग अपने घरों से निकलने में कतराने लगे हैं। यह स्थिति उस राजधानी की है जहाँ कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।

 

बढ़ रहा है अपराध का ग्राफ

 

ग्रामीणों का कहना है कि इन अवैध रूप से संचालित चकना सेंटरों पर देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे क्षेत्र में चोरी, मारपीट और चाकूबाजी जैसी वारदातों का खतरा कई गुना बढ़ गया है। अगर मंदिर हसौद पुलिस ने जल्द ही इन अवैध चकना सेंटरों को बंद नहीं कराया और सड़कों पर पीने वालों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!