*महासमुंद जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति बड़ी पहल: IIT मद्रास के विशेषज्ञों और जिला पुलिस प्रशासन ने किया 5 चिहांकित ‘ब्लैक स्पॉट्स’ का संयुक्त निरीक्षण।*
*महासमुंद जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति बड़ी पहल: IIT मद्रास के विशेषज्ञों और जिला पुलिस प्रशासन ने किया 5 चिहांकित 'ब्लैक स्पॉट्स' का संयुक्त निरीक्षण।*

*महासमुंद जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति बड़ी पहल: IIT मद्रास के विशेषज्ञों और जिला पुलिस प्रशासन ने किया 5 चिहांकित ‘ब्लैक स्पॉट्स’ का संयुक्त निरीक्षण।*

तिलक राम पटेल ब्यूरोचिफ महासमुंद जिला भारत संवाद टीवी न्यूज चैनल दैनिक अपडेट अखबार
*जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं IIT मद्रास के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम द्वारा जिले के दुर्घटनाजन्य स्थल का निरीक्षण किया।*
*निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क की बनावट, साइन बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था, डिवाइडर और दुर्घटना के मुख्य कारणों का गहन अध्ययन किया।*
*निरीक्षण के दौरान संबंधित रोड निर्माण एवं रखरखाव एजेंसियों (जैसे NHAI / PWD) को तत्काल सुधारात्मक उपाय लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।*
महासमुंद जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति बड़ी पहल हेतु IIT मद्रास के विशेषज्ञों और जिला पुलिस प्रशासन ने महासमुंद में चिहांकित ‘ब्लैक स्पॉट्स’ का संयुक्त निरीक्षण किया गया। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं IIT मद्रास के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम द्वारा जिले के दुर्घटनाजन्य 5 प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स क्रमश:
1- कांग्रेस चौक महासमुन्द (एनएच-353),
2- करणीकृपा प्लांट तुमगांव (एनएच-53)
3- कोडार चौक से कोडार काष्टागार (एनएच-53)
4- बावनकेरा चौक, थाना पटेवा (एनएच-53)
5- यू गिल ढाबा साल्हेतराई बसना (एनएच-53)।
उपरोक्त ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क की बनावट, साइन बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था, डिवाइडर और दुर्घटना के मुख्य कारणों का गहन अध्ययन किया। निरीक्षण के बाद संबंधित रोड निर्माण एवं रखरखाव एजेंसियों (जैसे NHAI / PWD) को तत्काल सुधारात्मक उपाय लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से तकनीकी सुधार जैसे दुर्घटना संभावित मोड़ एवं चौराहों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) बढ़ाने के लिए आवश्यक बदलाव किए जाएं।
सांकेतिक बोर्ड व स्पीड ब्रेकर- पर्याप्त संख्या में चेतावनी बोर्ड, रंबल स्ट्रिप्स, कैट्स आई (Reflectors) और ट्रैफिक सिग्नल/ब्लिंकर लगाए जाएं।
अतिक्रमण एवं पार्किंग- राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध पार्किंग और अनधिकृत कट (Median Openings) को तत्काल बंद किया जाए।
पुलिस प्रशासन एवं IIT मद्रास की यह पहल जिले में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ‘जीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निरीक्षण के दौरान IIT मद्रास से पंकज मेहरा प्रोजेक्ट ऑफिसर, हेमेन्द्र शर्मा प्रोजेक्ट इंजीनियर, परिवहन विभाग से जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला व अमित पाटिल सहायक प्रोग्रामर, पुलिस विभाग से रक्षित निरीक्षक दीप्ति कश्यप प्रभारी यातायात महासमुंद, आर. महेंद्र दीवान, NHAI से प्रोजेक्ट मैनेजर महावीर, पीडब्ल्यूडी. से SDO साहू, NHPWD से जे. पी. कौशल एवं भूमि राणा सब इंजीनियर उपस्थित रहे।

