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*कांकेर अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग तेज, अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का आज10वां दिन ,*

 *आंदोलन को मिल रहा भारी जनसमर्थन* 

*कांकेर अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग तेज, अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का आज10वां दिन ,* 

 

 *आंदोलन को मिल रहा भारी जनसमर्थन* 

 *शेखर ठाकुर संपादक छत्तीसगढ़।* 

अंतागढ़। अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग को लेकर जिला निर्माण समिति अंतागढ़ के तत्वावधान में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज 10वें दिन भी जारी है। क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को लेकर शुरू किए गए इस आंदोलन को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है और क्षेत्र के लोग इस मांग को लेकर एकजुट होते नजर आ रहे हैं।

 

जिला निर्माण समिति अंतागढ़ के नेतृत्व में 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग एक दशक से भी अधिक समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो पाई है। इसी मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है और अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला घोषित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

 

 

दस दिनों से जारी है धरना, बढ़ रहा जनसमर्थन

 

धरना प्रदर्शन के दसवें दिन भी आंदोलनकारियों का उत्साह बना हुआ है। आंदोलन का उद्देश्य अंतागढ़ को अलग जिला बनाने की मांग को शासन-प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाना है। समिति के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है। आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग पर शासन गंभीरता से विचार करेगा और अंतागढ़ को जिला बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।

 

 

आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा और रावघाट क्षेत्र का मिल रहा समर्थन

 

अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को केवल अंतागढ़ तक सीमित समर्थन नहीं मिल रहा, बल्कि आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा और रावघाट क्षेत्र के लोगों का भी खुला समर्थन सामने आ रहा है। इन क्षेत्रों से मिल रहे समर्थन ने आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को शासकीय कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

 

एक दशक से अधिक समय से उठ रही है जिला निर्माण की मांग

 

अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग लंबे समय से क्षेत्रीय जनभावनाओं से जुड़ी हुई है। एक दशक से अधिक समय से उठ रही इस मांग के पीछे क्षेत्र के विकास, प्रशासनिक पहुंच और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देने की अपेक्षा प्रमुख मानी जा रही है। अब जिला निर्माण समिति के नेतृत्व में शुरू हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के माध्यम से इस मांग को फिर से प्रभावी ढंग से सामने लाया जा रहा है।

 

स्वतंत्र जिला बनाने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी

 

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि अंतागढ़ को स्वतंत्र जिला घोषित किया जाए, ताकि क्षेत्र की प्रशासनिक आवश्यकताओं और विकास संबंधी मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से काम हो सके। फिलहाल जिला निर्माण समिति अंतागढ़ के तत्वावधान में धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। आने वाले दिनों में आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं।

 

फिलहाल, अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर जारी आंदोलन दसवें दिन भी जारी है। आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा और रावघाट क्षेत्र से मिल रहे समर्थन के बीच आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर शासन जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा।

शेखर ठाकुर संपादक

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ संपादक के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

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