हरी खाद किसानो के लिए वरदान- डॉ अशोक शर्मा

बयाना। पंचायत समिति सेवर की ग्राम पंचायत लुधावई में बुधवार को भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान सेवर द्वारा संचालित “मेरा गांव मेरा गौरव” अभियान के तहत एक दिवसीय किसान संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के करीब 50 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में किसानों को मृदा स्वास्थ्य, सॉइल हेल्थ कार्ड, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं आधुनिक खेती की जानकारी दी गई। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि खेतों की मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा लगातार कम होती जा रही है, जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। डॉ शर्मा ने बताया हरी खाद किसानो के लिए वरदान है। भरतपुर जिले में खरीफ में हरी खाद के लिए ढेंचा की फसल की बुबाई करनी चाहिए, फसल बुबाई के चालीस दिन बाद खड़ी फसल को मिटटी में दबा देना चाहिए, जो की हरी खाद में परिवर्तित हो जाती है। इससे आगामी फसल के लिए नत्रजन की कम मात्रा की आवश्यकता होती है उन्होंने किसानों को जैविक स्रोतों का अधिक उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही सॉइल हेल्थ कार्ड के अनुसार ही संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने किसानों को उन्नत किस्मों एवं उनकी विशेषताओं, एजोटोबेक्टर एवं पीएसबी कल्चर का उपयोग तथा कम्पोस्ट खाद बनाने एवं प्रयोग करने की जानकारी दी। वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ विनोद कुमार ने किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओ तथा मोबाइल आधारित एप जैसे कृषि विस्तार (भारत विस्तार) एवं मेघदूत के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याएं वैज्ञानिकों के सामने रखीं, जिनका समाधान वैज्ञानिकों द्वारा किया गया। अंत में किसानों से मिट्टी की जांच करवाकर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की गई।



