समाज विशेष पर टिप्पणी के विरोध में निष्पक्ष जांच की मांग बैतूल बालाजी पुरम प्रकरण को लेकर एसडीओपी आदित्य तिवारी को सौंपा ज्ञापन, तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की उठाई मांग
सतवास – बैतूल स्थित बालाजी पुरम मंदिर प्रकरण को लेकर एक समाचार चैनल के माध्यम से समाज विशेष पर लगाए गए कथित आरोपों के विरोध में शुक्रवार को सतवास में विभिन्न समाजजन एवं जनप्रतिनिधियों ने कन्नौद अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) आदित्य तिवारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। ज्ञापन कलेक्टर के नाम सौंपा गया, जिसकी प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक देवास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद एवं पुलिस महानिदेशक भोपाल को भी प्रेषित की गई।
ज्ञापन का वाचन नगर परिषद अध्यक्ष सतनाम सिंह बग्गा द्वारा किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि बिना किसी आधिकारिक जांच, ठोस साक्ष्य अथवा न्यायिक प्रक्रिया के किसी व्यक्ति अथवा पूरे समाज को “आतंकवादी” जैसे गंभीर शब्दों से संबोधित करना लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और सामाजिक सौहार्द के विपरीत है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अपराध किया गया है तो उसकी जांच करना, दोषियों की पहचान करना और कार्रवाई करना पुलिस एवं न्यायालय का अधिकार क्षेत्र है, न कि किसी व्यक्ति विशेष द्वारा पूरे समाज पर आरोप लगाना।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बिना प्रशासनिक पुष्टि और तथ्यात्मक सत्यापन के यदि किसी समाचार माध्यम द्वारा ऐसे आरोपों का प्रसारण किया गया है तो यह पत्रकारिता की निष्पक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि मीडिया का दायित्व तथ्यों पर आधारित और संतुलित समाचार प्रस्तुत करना है, न कि अपुष्ट आरोपों को प्रसारित कर समाज में भ्रम, अविश्वास और तनाव की स्थिति उत्पन्न करना।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा समाज विशेष पर गंभीर आरोप लगाने वाले व्यक्तियों के साथ-साथ उन आरोपों को बिना सत्यापन प्रसारित करने वाले संबंधित पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों की भूमिका की भी जांच की जाए। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि लोकतंत्र में कानून का शासन सर्वोपरि है और किसी भी नागरिक, समुदाय या समाज की प्रतिष्ठा एवं सम्मान पर बिना प्रमाण प्रश्नचिह्न लगाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। न्याय तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर होना चाहिए, न कि पूर्वाग्रह अथवा निराधार आरोपों के आधार पर।
इस अवसर पर समाजजनों ने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द एवं आपसी विश्वास की भावना बनी रहे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष सतनाम सिंह बग्गा के साथ लक्की सिंह, मीत सिंह चड्ढा, पप्पू सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




