आबकारी विभाग के अधिकारियों पर बैगा जनजाति के उत्पीड़न और अवैध वसूली का आरोप,
आक्रोशित ग्रामीणों ने की शिकायत
क्राइम रिपोर्टर संगीता सिंह राजनंदगांव
कवर्धा: आबकारी विभाग के अधिकारियों पर बैगा जनजाति के उत्पीड़न और अवैध वसूली का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने की शिकायत
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। जिले में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक (SI) रायजादा और महिला उपनिरीक्षक (SI) गीता पर विशेष रूप से संरक्षित बैगा जनजाति के लोगों को प्रताड़ित करने, उनसे अवैध वसूली करने और बात न मानने पर झूठे आबकारी मामलों में फंसाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस उत्पीड़न के खिलाफ पीड़ित ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग के उक्त दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि वे लगातार बैगा बाहुल्य क्षेत्रों में जाकर आदिवासियों को डराते-धमकाते हैं। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले सीधे-साधे बैगा आदिवासियों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम की मांग की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जो पैसे देने में असमर्थ होते हैं, उनके खिलाफ अवैध शराब निर्माण या तस्करी के झूठे केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जाती है और कई मामलों में ऐसा किया भी गया है।
शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप:
अवैध वसूली का दबाव: आबकारी अमले द्वारा ग्रामीणों के घरों में जबरन घुसकर तलाशी लेने और मामले को रफा-दफा करने के एवज में हजारों रुपयों की मांग करना।
झूठे प्रकरण दर्ज करना: जिन आदिवासियों के पास से कुछ नहीं मिलता, उन्हें भी डरा-धमकाकर या फर्जी जब्ती दिखाकर आबकारी एक्ट के तहत फंसा देना।
शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न: विशेषकर महिला एसआई गीता और एसआई रायजादा पर बैगा आदिवासियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और उनका मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप है।
“हमारा जीवन पहले से ही संघर्षपूर्ण है। आबकारी विभाग के ये अधिकारी हमें हमारे ही घरों में डराते हैं। पैसे न देने पर जेल भेजने की धमकी दी जाती है। सरकार हमें संरक्षण देती है, लेकिन ये अधिकारी हमारा शोषण कर रहे हैं।”
— एक पीड़ित बैगा ग्रामीण (गोपनीयता के अनुरोध पर)
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
इस घटना के बाद से कवर्धा के आदिवासी समाज और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला मुख्यालय का घेराव करने और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, आबकारी मंत्री और जिला कलेक्टर से मांग की है कि:
एसआई रायजादा और एसआई गीता को तत्काल प्रभाव से कवर्धा जिले से हटाया जाए।
बैगा आदिवासियों पर दर्ज किए गए हालिया मामलों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
पीड़ित परिवारों को न्याय और सुरक्षा प्रदान की जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर क्या रुख अपनाता है और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।
