किसानों की बढ़ी मुश्किलें: खाद-बीज नहीं, डीजल पर रोक! कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन
शेखर ठाकुर (छत्तीसगढ़) "खाद-बीज के लिए लाइन में किसान, डीजल देने से इंकार! राजनांदगांव में खेती पर संकट

शेखर ठाकुर (छत्तीसगढ़) “खाद-बीज के लिए लाइन में किसान, डीजल देने से इंकार! राजनांदगांव में खेती पर संकट
“किसानों की बढ़ी मुश्किलें: खाद-बीज नहीं, डीजल पर रोक! कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन”
राजनांदगांव जिले में खरीफ सीजन के बीच किसानों को खाद, बीज, यूरिया, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कई सहकारी समितियों में खाद और यूरिया की कमी है, किसानों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है, वहीं कई पेट्रोल पंप किसानों को केन और ड्रम में डीजल देने से मना कर रहे हैं। इससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वीडियो में जानिए क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें और प्रशासन से क्या कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
राजनांदगांव में खरीफ सीजन के दौरान किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। खाद, बीज और यूरिया की कमी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी किसान परेशान हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि जिले की कई सहकारी समितियों और विक्रय केंद्रों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज और यूरिया नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि किसानों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कई पेट्रोल पंप किसानों को केन, ड्रम या अन्य सुरक्षित पात्रों में डीजल और पेट्रोल देने से इंकार कर रहे हैं। इससे खेतों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, पंप और अन्य कृषि उपकरणों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
युवा कांग्रेस ने खाद और यूरिया की कालाबाजारी तथा कृत्रिम कमी पैदा किए जाने की शिकायतों की जांच की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो कृषि उत्पादन पर असर पड़ेगा और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
युवा कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को खाद, बीज, यूरिया, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। साथ ही उचित सत्यापन के बाद किसानों को केन और ड्रम में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जाएं।
अब देखना होगा कि किसानों की इन समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और राहत कब तक मिल पाती है।

