मिशन शक्ति टीम की त्वरित व संवेदनशील पहल: परिजनों से बिछड़े मासूम को कराया सकुशल सुपुर्द,गुरसरांय पुलिस की मानवीय कार्यशैली की सराहना

ब्यूरो चीफ आयुष त्रिपाठी
गुरसरांय (झांसी)। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस टीम ने एक बार फिर संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। गश्त के दौरान टीम ने रास्ता भटके एक मासूम बच्चे को न केवल सुरक्षित संरक्षण दिया,बल्कि तत्परता दिखाते हुए कुछ ही समय में उसके परिजनों की खोज कर उसे सकुशल सौंप दिया। ड्यूटी पर तैनात मिशन शक्ति टीम की नज़र एक अकेले और घबराए हुए मासूम बच्चे पर पड़ी। अपने घर का रास्ता भूल जाने के कारण बच्चा काफी डरा हुआ था और स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। पुलिस कर्मियों ने तुरंत बच्चे को अपने विश्वास में लिया,बड़े प्यार से संभाला और सुरक्षित स्थान पर बिठाकर भोजन व पानी दिया। इसके बाद टीम ने बिना समय गंवाए आसपास के क्षेत्रों में बच्चे के परिवार की तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों और आसपास के गांवों में संपर्क साधकर अंततः परिजनों का सुराग लगा लिया गया। सूचना मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। आवश्यक कागज़ी कार्रवाई और पहचान का सत्यापन पूरा करने के बाद बच्चे को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान मिशन शक्ति टीम से वरिष्ठ सब इंस्पेक्टर महेन्द्र सिंह भदौरिया,महिला कांस्टेबल से जिज्ञासा श्रीवास्तव,मानसी राजपूत, प्रिया यादव,अंशी गौड़,कांस्टेबल प्रीतेश पटेल,बृजेश कुमार सहित आदि लोग मौजूद रहे।
परिजन बोले— पुलिस का आभार, आंखें हुई नम
अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों के चेहरे पर राहत और आंखों में खुशी के आंसू आ गए। परिजनों ने मिशन शक्ति टीम में शामिल वरिष्ठ सब इंस्पेक्टर महेन्द्र सिंह भदौरिया,महिला कांस्टेबल जिज्ञासा श्रीवास्तव,मानसी राजपूत,प्रिया यादव,अंशी गौड़,कांस्टेबल प्रीतेश पटेल,बृजेश कुमार और गुरसरांय पुलिस की इस तत्परता,मानवीय दृष्टिकोण और अपनत्व भरे व्यवहार के लिए दिल से आभार व्यक्त किया।




