बैंक ऑफ़ बड़ौदा बना ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जुटाने वाला भारत का पहला बैंक
अमित चावला/ लखनऊ.

लखनऊ. भारत के अंतर्राष्ट्रीय बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने आज घोषणा की कि बैंक ने सीरीज लॉन्ग-टर्म ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी करते हुए सफलतापूर्वक ₹10,000 करोड़ जुटाए हैं। इससे बैंक घरेलू ग्रीन बॉन्ड जारी करने वाला भारत का पहला बैंक बन गया है। इस इश्यू के लिए निवेशकों की भारी मांग देखी गई, जिससे ₹5,000 करोड़ के बेस इश्यू को साइज़ से तीन गुना अधिक ₹16,415 करोड़ की बोली प्राप्त हुई। सात साल के बॉन्ड को एनएसई के ईबीपी पर 5000 करोड़ रुपये के बेस इश्यू और 5000 करोड़ रुपये के ग्रीन शू ऑप्शन के साथ लिस्ट किया गया था। बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बावजूद, बैंक ने 7.10% का प्रतिस्पर्धी कट-ऑफ़ कूपन हासिल किया, जो बैंक पर निवेशकों के सुदृढ़ विश्वास को दर्शाता है।
बैंक ने संवहनीय और ग्रीन फायनांस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ-साथ अपने ईएसजी रोडमैप की सुदृढ़ स्थिति के परिणामस्वरूप प्रतिस्पर्धी मूल्य के साथ बाजार से प्रभावी “ग्रीनियम” प्राप्त किया है।
इस विशिष्ट मुद्दे पर बात करते हुए, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डॉ. देबदत्त चांद ने कहा, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के लिए “ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भारत के घरेलू ईएसजी बॉन्ड बाजार के लिए एक निर्णायक क्षण है। इस तरह की मजबूत मांग और आकर्षक मूल्य निर्धारण के साथ ₹10,000 करोड़ जुटाना निवेशकों के बैंक के प्रति गहरे विश्वास दर्शाता है और हमारी व्यापक ईएसजी यात्रा के हिस्से के रूप में ग्रीन और स्थायित्वपूर्ण वृद्धि के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये निधि भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगी, जिससे स्वच्छ, हरित और बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।
ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड से प्राप्त निधि को बैंक के ग्रीन फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क और लागू नियामक दिशानिर्देशों के अनुरूप पात्र ग्रीन प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य पर्यावरणीय दृष्टि से सुदृढ़ बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को दीर्घकालिक फायनांस प्रदान करना संभव होगा।
केयर रेटिंग्स और आईसीआरए द्वारा स्थिर दृष्टिकोण के साथ बॉन्ड को ‘AAA’ रेटिंग दी गई है।

