किसानों के मसीहा थे चौ0 चरणसिंह-सुरेंद्र सिंह कसाना

बयाना।भारतीय किसान यूनियन अंबावता के आयोजन में शुक्रवार को चौ0 चरणसिंह की पुण्यतिथि गांव अगावली में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र सिंह कसाना ने की।श्री कसाना ने कहा कि चौधरी साहब को स्मरण करना मेरे लिए केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं, बल्कि उस विचारधारा को नमन करना है जिसने भारतीय राजनीति को गांव, गरीब और किसान की संवेदनाओं से जोड़ने का कार्य किया।उन्होंने कहा कि वह किसानों के मसीहा थे।भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी ने सत्ता को विशेषाधिकार नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति के सम्मान और अधिकार का माध्यम माना।उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन खेत में पसीना बहाने वाले किसान, श्रमिक, कमेरे और वंचित वर्ग की आवाज को देश की नीतियों के केंद्र तक पहुंचाने में समर्पित कर दिया।महासचिव कसाना ने कहा कि चौधरी साहब एक साधारण किसान परिवार से निकलकर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के बाद भी उनके व्यक्तित्व में गांव की सादगी, मिट्टी की सुगंध और अन्नदाता के दर्द की वही संवेदना बनी रही।उनकी राजनीति में दिखावा नहीं, दर्शन था…संघर्ष नहीं, संकल्प था… और सत्ता नहीं, सेवा का भाव था।
आज जब हम चौधरी साहब को याद करते हैं, तब महसूस होता है कि उनके विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा हैं। उनके आदर्श और सिद्धांत सदैव हम सबके लिए प्रेरणा और पथप्रदर्शक रहेंगे।पुण्यतिथि पर भारत रत्न, किसान स्वाभिमान के बुलंद स्वर और भारतीय ग्रामीण चेतना के महान पुरोधा चौधरी चरण सिंह जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।




