
“वैशाखी के पावन अवसर पर स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने नववर्ष को आत्मशुद्धि, नये संकल्प और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश देते हुए सत्य, सेवा, प्रेम और त्याग के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।”
रामकृष्ण मठ, निराला नगर में ‘‘वैशाखी‘‘ उत्सव (बंगला नव वर्ष प्रथम बैशाख, 1433 वि0सं0) उत्सव पूरे हर्षोउल्लास एवं बड़े ही धार्मिक माहौल में पारम्परिक एवं पूर्ण रीतिरिवाजो के साथ विधिवत अनुष्ठानिक प्रक्रिया से आज रामकृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ में भक्तगणों की भागीदारी एवं जबरदस्त उत्साह के साथ मनाया गया।
उत्सव का शुभारम्भ रामकृष्ण मठ के मुख्य मन्दिर में प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती व मंगलअनुशासनम् द्वारा हुआ। प्रातः वैदिक मन्त्रोंच्चार एवं गीता पाठ रामकृष्ण मठ, लखनऊ के स्वामी इष्टकृपानन्द के नेतृत्व में हुआ।
इस अवसर पर एक (ऑनलाइन धार्मिक प्रवचन) सत प्रसंग मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज द्वारा दिया गया। तत्पश्चात श्री श्री ठाकुर जी की पूजा स्वामी इष्टकृपानन्द द्वारा की गयी तथा उपस्थित भक्तगणों को फल प्रसाद वितरित किये गये। मध्याह्न में श्री श्री ठाकुर जी को विशेष भोग अर्पण किया गया। तदुपरान्त भक्तों को पायस प्रसाद वितरित किया गया
‘वैशाखी’’ (बंगला नव वर्ष, प्रथम बैशाख) के पावन अवसर पर रामकृष्ण मठ, निराला नगर के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानन्द जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, नये संकल्प और आध्यात्मिक उन्नति का पावन अवसर है। उन्होंने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि हम सभी श्रीरामकृष्ण, माँ सारदा और स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें तथा सत्य, सेवा, प्रेम और त्याग के मार्ग पर अग्रसर हों। उन्होंने आगे कहा कि यह नववर्ष हमें आत्मचिंतन, सदाचार और मानव सेवा के प्रति अधिक जागरूक बनाए तथा समाज में सद्भाव, शांति और करुणा का विस्तार हो – इसी में इस उत्सव की सच्ची सार्थकता निहित है।
सांयकाल श्री श्री ठाकुर जी की संध्यारति के पश्चात रविन्द्र संगीत (श्री रवीन्द्रनाथ टैगौर द्वारा रचित व चयनित गीत) गायन का आयोजन हुआ जिसमें रामकृष्ण मठ, लखनऊ के अध्यक्ष, स्वामी मुक्तिनाथानन्द महाराज एवं लखनऊ के जाने माने गायक श्री अनिमेष मुखर्जी नें मनमोहक प्रस्तुति दी जिसे सुनकर वहां उपस्थित श्रोतागण मन्त्रमुग्ध हो गये उस दौरान तबले पर संगत लखनऊ के शुभम राज तथा खोल पर संगत श्री गोपाल भट्टाचार्या ने किया।
कार्यक्रम का समापन उपस्थित भक्तजनों को प्रसाद वितरण के साथ हुआ।




