संगठन सृजन में दिखी नई-पुरानी सक्रियता: ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु मीणा मैदान में, कुछ नेता रहे दूर
कांटाफोड़ – कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत ब्लॉक स्तर पर गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। भैंसून, कोठड़ी एवं भूआना में आयोजित कार्यक्रमों में एक ओर जहां नवनिर्वाचित ब्लॉक अध्यक्ष विष्णु मीणा सक्रिय रूप से गांव-गांव पहुंचकर कार्यकर्ताओं से संवाद करते दिखे, वहीं कुछ वरिष्ठ नेता विभिन्न कारणों से कार्यक्रमों में सीमित रूप से नजर आए।
कार्यक्रमों के दौरान विष्णु मीणा ने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं से ही संभव है, इसलिए सभी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। उनकी लगातार क्षेत्रीय सक्रियता से कार्यकर्ताओं में उत्साह भी देखने को मिला।
यह अभियान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार एवं जिला अध्यक्ष मनीष चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार संगठन सृजन के माध्यम से ग्राम स्तर तक नई टीमों का गठन कर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता निर्मल पुरोहित एवं कांग्रेस नेता अंकुश सारडा ने कांग्रेस की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए पार्टी की विचारधारा को आमजन तक पहुंचाएं।
अभियान के तहत ग्राम अध्यक्ष, महिला अध्यक्ष, युवक कांग्रेस, बाल कांग्रेस, सेवा दल सहित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। साथ ही 21 सदस्यीय टीम के गठन के माध्यम से संगठन को पंचायत स्तर तक विस्तार देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में नितिन जोनवाल, देवेंद्र पटेल, अभिषेक जोशी, नगर परिषद लोहारदा उपाध्यक्ष चेतन जारवाल एवं मुकेश धनावत (डांगरखेड़ा) सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गोपाल भोसले की उपस्थिति भी कार्यक्रम में रही।
संगठन सृजन अभियान के बीच उभरती यह तस्वीर संकेत देती है कि जहां एक ओर नया नेतृत्व सक्रियता के साथ मैदान में कार्य कर रहा है, वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं की सीमित उपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी के भीतर इसे अलग-अलग भूमिकाओं के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सभी स्तरों पर समन्वय बनाकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश जारी




