30 साल बाद बदला कांग्रेस का चेहरा, नई पीढ़ी के हाथों में आई कमान

कांटाफोड़ -नगर कांग्रेस की राजनीति में आखिरकार तीन दशक बाद वह बदलाव देखने को मिला, जिसकी चर्चा लंबे समय से कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में होती रही। करीब 30 वर्षों तक एक ही नेतृत्व के साथ चल रही नगर कांग्रेस ने अब नया अध्याय शुरू करते हुए युवा चेहरे गुरमीत मित्तू भाटिया को नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिला प्रभारी विनय बाकलीवाल एवं जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी की अनुशंसा पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। गुरमीत भाटिया की नियुक्ति को संगठन में नई ऊर्जा, नई सोच और युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नगर की राजनीति में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चुटकी लेते हुए कहा जा रहा है कि “30 साल से एक ही पन्ने पर चल रही कांग्रेस की किताब में अब नया अध्याय जुड़ गया है, अब देखना यह है कि नई कलम कितनी तेज चलती है।”
गुरमीत मित्तू भाटिया को नगर की राजनीति में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज होलानी के बेहद करीबी समर्थक के रूप में जाना जाता है। दोनों के संबंध केवल राजनीतिक नहीं बल्कि पारिवारिक आत्मीयता जैसे माने जाते हैं। ऐसे में गुरमीत को नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना होलानी के राजनीतिक विश्वास और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ के रूप में भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इस बदलाव को लेकर खासा उत्साह है। लंबे समय बाद हुए नेतृत्व परिवर्तन ने युवाओं में नई उम्मीद जगाई है और यह संदेश दिया है कि पार्टी अब नए चेहरों और नई ऊर्जा को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
अब सबकी निगाहें नए नगर अध्यक्ष गुरमीत मित्तू भाटिया पर हैं कि वे 30 साल बाद मिले इस अवसर को संगठन की नई ताकत में कैसे बदलते हैं। फिलहाल इतना तय है कि कांटाफोड़ की कांग्रेस राजनीति में यह बदलाव आने वाले दिनों तक चर्चा का प्रमुख विषय बना रहेगा।



