जिले में कानून व्यवस्था को दुरुस्त
अपराधियों को एसएसपी की दोटूक: "तुम्हारा इतिहास है तो मेरा भी इतिहास है,
रिपोर्टर संगीता सिंह (राजनांदगांव)अपराधियों को एसएसपी की दोटूक: “तुम्हारा इतिहास है तो मेरा भी इतिहास है, सुधर जाओ वरना खैर नहीं”
रायगढ़। जिले में कानून व्यवस्था को दुरुस्त
करने और परिंदा भी पर न मार सके, ऐसी सुरक्षा व्यवस्था कायम करने के लिए रायगढ़ के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशी मोहन सिंह ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिले के सूचीबद्ध गुंडे, बदमाशों और मवालियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने के लिए एसएसपी ने
सभी को पुलिस लाइन में तलब किया और उनकी परेड ली।
परेड के दौरान एसएसपी शशी मोहन सिंह का बेहद सख्त और आक्रामक अंदाज देखने को मिला। उन्होंने दोटूक शब्दों में अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं यहाँ तुम्हें सिर्फ सावधान करने के लिए बुलााया हूँ। अगर अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा, तो खैर नहीं होगी।”
“मेरा इतिहास देख लेना…”
एसएसपी ने अपराधियों के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए उन्हें सीधे शब्दों में ललकारा और कहा, “अगर तुम लोगों का अपराध का इतिहास (History) है, तो मेरा भी पुलिसिंग का एक इतिहास है। मैं सिर्फ समझाने के लिए बुलाया हूँ, इसके बाद सीधे कार्रवाई होगी।”
समाचार के मुख्य बिंदु:
अपराधियों की कुंडली खंगाली: परेड के दौरान एसएसपी ने एक-एक कर सभी बदमाशों के पुराने अपराधों और वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली।
थाने में हाजिरी के निर्देश: सभी निगरानी बदमाशों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से अपने संबंधित थानों में हाजिरी लगाएंगे।
नशे के सौदागरों पर पैनी नजर: शहर में नशाखोरी, अवैध शराब और सट्टेबाजी में लिप्त तत्वों को चेतावनी दी गई है कि यदि दोबारा किसी भी अवैध गतिविधि में नाम आया, तो सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
आम जनता में विश्वास, अपराधियों में खौफ
इस परेड के बाद से ही शहर के शातिर बदमाशों में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी शशी मोहन सिंह के इस कड़े रुख की आम जनता जमकर तारीफ कर रही है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है; शहर की शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
“रायगढ़ की जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे, यही मेरी प्राथमिकता है। जो सुधरना चाहते हैं उनके लिए रास्ते खुले हैं, लेकिन जो कानून को चुनौती देंगे, उन्हें कानून की भाषा में ही जवाब दिया जाएगा।”
— शशी मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़


