कैलाश रथ, भव्य शोभायात्रा और सामाजिक सौहार्द ने बांधा समां, महेश नवमी महोत्सव संपन्न भक्ति, संस्कृति और संगठनात्मक एकता का दिखा अद्भुत संगम, सहभोज के साथ हुआ तीन दिवसीय आयोजन का समापन

कांटाफोड़ – भगवान महेश के प्राकट्य उत्सव महेश नवमी के उपलक्ष्य में माहेश्वरी समाज कांटाफोड़ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चले धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक आयोजनों ने समाजजनों को एक मंच पर लाकर समाज की एकता, संस्कारों और गौरवशाली परंपराओं का सशक्त परिचय दिया।
महोत्सव के प्रथम एवं द्वितीय दिवस बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, मनोरंजक गतिविधियां, हाउजी, महा तंबोला एवं पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। समाजजनों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजनों को यादगार बना दिया। कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को समाज की परंपराओं से जोड़ने का भी सफल प्रयास किया गया।
इस अवसर पर गट्टानी परिवार द्वारा स्वर्गीय अवधेश गट्टानी की स्मृति में समाज के मेधावी एवं टॉपर विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक उपहार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। समाजजनों ने इस पहल को शिक्षा और प्रतिभा सम्मान की प्रेरणादायी परंपरा बताया।
महोत्सव के अंतिम दिन भगवान महेश का विशेष अभिषेक एवं पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। इसके पश्चात निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। नजरपुरा हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुई शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सिंगी मांगलिक भवन पहुंची।
यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण कैलाश पर्वत स्वरूप सुसज्जित रथ रहा, जिसमें समाज के बच्चों ने भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश एवं भगवान कार्तिकेय के स्वरूप में विराजमान होकर सभी का मन मोह लिया। बैंड-बाजों की मधुर धुनों, भगवान महेश के जयघोष और उत्साह से सराबोर समाजजनों ने पूरे नगर में भक्ति का वातावरण निर्मित कर दिया। मार्गभर नगरवासी शोभायात्रा के स्वागत एवं दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
शोभायात्रा के दौरान नगर में जगह-जगह स्वागत मंच सजाए गए। गौरानी परिवार द्वारा नजरपुरा में स्वल्पाहार एवं ठंडाई की व्यवस्था कर समाजजनों का स्वागत किया गया। वहीं भारतीय जनता पार्टी, स्वयंसेवक संघ, नगर परिषद, नर्मदा सेवा समिति, आंचलिक पत्रकार संघ, पंसारी परिवार, होलानी परिवार, नगर कांग्रेस , तोतला परिवार, सेन समाज एवं राठौर समाज सुतार समाज सुदामा पूरी मित्र मंडल द्वारा पुष्प वर्षा व शीतल पेय एवं आइसक्रीम वितरित कर शोभायात्रा का आत्मीय अभिनंदन किया गया।
शोभायात्रा के समापन के पश्चात सिंगी मांगलिक भवन में सामूहिक सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता कर सामाजिक एकता, भाईचारे एवं पारिवारिक सौहार्द का परिचय दिया। सहभोज के दौरान समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं एवं बच्चों ने एक साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की, जिससे आयोजन का पारिवारिक और सामाजिक स्वरूप और अधिक सशक्त होकर सामने आया।
तीन दिवसीय महेश नवमी महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि माहेश्वरी समाज केवल अपनी धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक समरसता, संगठनात्मक मजबूती और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आयोजन की सफलता में समाज के पदाधिकारियों, युवा मंडल, महिला मंडल एवं सभी समाजजनों का उल्लेखनीय योगदान रहा। महोत्सव का समापन भगवान महेश के जयघोष और समाज की निरंतर प्रगति एवं खुशहाली की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।



