Welcome to Bharat Samvad TV   Click to listen highlighted text! Welcome to Bharat Samvad TV
E-Paperhttps://bharatsamvadtv.com/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifक्राइमछत्तीसगढ़टॉप न्यूज़देशराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़

केंद्र सरकार ने इन 16 कॉम्बिनेशन दवाओं पर लगाया तत्काल बैन

कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इस्तेमाल? देखें लिस्ट

क्राइम रिपोर्टर 

संगीता सिंह राजनंदगांव 

केंद्र सरकार ने इन 16 कॉम्बिनेशन दवाओं पर लगाया तत्काल बैन कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इस्तेमाल? देखें लिस्ट

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है. सरकार के अनुसार, विशेषज्ञ समिति, ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) और उसकी उप-समिति की समीक्षा जांच में पाया गया कि इन दवाओं के कॉम्बिनेशन को प्रमाणिक करने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक और चिकित्सीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं. सरकार ने माना और कि इन दवाओं के उपयोग से मरीजों को जोखिम हो सकता है, जबकि इनके सुरक्षित ऑप्शन पहले से उपलब्ध हैं इसलिए विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत इन दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगाई गई है.

इन दवाओं के फॉर्मूला पर एक नजर

 

प्रतिबंधित एफडीसी विभिन्न श्रेणियों के हैं, जिनमें डर्मेटोलॉजिकल प्रिपरेशन्स, एनाल्जेसिक और एंटीस्पास्मोडिक दवाएं तथा एंटीबायोटिक आधारित फॉर्मूलेशन्स शामिल हैं। इनमें कई ऐसे कॉम्बिनेशन हैं जिनमें एलोवेरा एक्सट्रैक्ट, एंटीबायोटिक्स के साथ एंजाइम्स या अनावश्यक मल्टी-ड्रग मिश्रण हैं।

: इन फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं पर प्रतिबंध

 

1- एसिटाइल सैलिसिलिक एसिड + एथोहेप्टाजीनएलोवेरा (Acetyl Salicylic Acid + Ethoheptazine)

2- जोजोबा ऑयल + व्हीट जर्म ऑयल + टी ट्री ऑयल (Aloe Vera + Jojoba Oil + Wheat Germ Oil + Tea Tree Oil)

3- एमोक्सिसिलिन + सेराटियोपेप्टिडेज + लैक्टोबैसिलस स्पोरोजीनस (Amoxicillin + Serratiopeptidase + Lactobacillus Sporogenes)

4- डाइसाइक्लोमाइन + पैरासिटामोल + क्लिडिनियम ब्रोमाइड + क्लोरडायजेपॉक्साइड (Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide + Chlordiazepoxide)

5- एमोक्सिसिलिन + सेराटियोपेप्टिडेज (Amoxicillin + Serratiopeptidase)

6- एलो एक्सट्रैक्ट + एलांटोइन + अल्फा टोकोफेरॉल एसीटेट + डी-पैन्थेनॉल + विटामिन ए (Aloe Extract + Allantoin + Alpha Tocopherol Acetate + D-Panthenol + Vitamin A)

7- एलो एक्सट्रैक्ट + विटामिन ई + डाइमेथिकोन + ग्लिसरीन (Aloe Extract + Vitamin E + Dimethicone + Glycerine)

8-एलोवेरा + जोजोबा ऑयल + विटामिन ई (Aloe Vera + Jojoba Oil + Vitamin E)

9- एलोवेरा + ऑरेंज ऑयल (Aloe Vera + Orange Oil)

10- एलोवेरा + विटामिन ई + हर्बल प्रिपरेशन (Aloe Vera + Vitamin E + Herbal Preparation)

11- डाइसाइक्लोमाइन + पैरासिटामोल + क्लिडिनियम ब्रोमाइड (Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide)

12- पैरासिटामोल + लिग्नोकेन (Paracetamol + Lignocaine)

13- ग्लिक्लाज़ाइड + क्रोमियम पिकोलिनेट (Gliclazide + Chromium Picolinate)

14- एमोक्सिसिलिन + क्लोक्सासिलिन + लैक्टिक एसिड बैसिलस + सेराटियोपेप्टिडेज (Amoxicillin + Cloxacillin+ Lactic Acid Bacillus+ Serratiopeptidase)

15- सेफाड्रॉक्सिल + प्रोबेनेसिड (Cefadroxyl+ Probenecid)

16- सेफुरोक्साइम + सेराटियोपेप्टिडेज मंत्रालय ने जोर दिया कि यह कार्रवाई दवाओं के सही तरीके से उपयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई है। इससे पहले भी कई अनुचित एफडीसी पर वैज्ञानिक समीक्षा के बाद प्रतिबंध लगाया जा चुका है। आदेश के तहत इन दवाओं को निर्माताओं, आयातकों, वितरकों और अन्य हितधारकों को सलाह दी गई है कि वे अधिसूचनाओं का तुरंत पालन करें।

 

अमोक्सिसिलिन वाले संयोजन पर आपत्ति-

 

केंद्र सरकार कि विशेषज्ञ समिति ने पाया कि अमोक्सिसिलिन (Amoxicillin) और सेराशियोपेप्टिडेज़ (Serratiopeptidase) का एक साथ उपयोग के लिए पर्याप्त क्लीनिकल साक्ष्य नहीं हैं. यह संयोजन मानक उपचार दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं है और इसके लाभ को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए इसे अतार्किक माना गया.

 

वहीं डाइसाइक्लोमाइन + पैरासिटामोल + क्लिडिनियम ब्रोमाइड क्लोरडायजेपॉक्साइडएमोक्सिसिलिन के मामले में समिति ने कहा कि डाइसाइक्लोमाइन और क्लिडिनियम दोनों का प्रभाव एक जैसा होने के कारण इन्हें साथ देने का कोई ठोस औचित्य नहीं है. इसके अलावा कई स्किन एवं कॉस्मेटिक उपयोग वाले एलोवेरा आधारित संयोजनों को भी चिकित्सीय दृष्टि से उचित नहीं माना गया.

 

आदेश के बाद क्या बदलेगा?

 

सरकार के आदेश के बाद अब दवा कंपनियों को इन उत्पादों का उत्पादन बंद करना होगा. वहीं डॉक्टरों को इनके जगह सुरक्षित तथा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित एफडीसी दवा लिखनी होगी. अधिकारियों के मुताबिक इससे मरीजों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी

शेखर ठाकुर

शेखर ठाकुर वर्तमान में भारत संवाद न्यूज़ चैनल और दैनिक संवाद अपडेट समाचार पत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट हेड के रूप कार्यभार संभाल रहे हैं। पत्रकारिता के प्रति अपने समर्पण और स्थानीय मुद्दों पर गहरी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले शेखर, छत्तीसगढ़ की हर छोटी-बड़ी खबर को प्रमाणिकता के साथ जनता और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!