प्रतिबंध के बाद भी टेलीग्राम पर बिक रहा NEET का फर्जी प्रश्न पत्र,
परीक्षा से पहले मची खलबली
संवाददाता संगीता सिंह राजनंदगांव
बड़ा खुलासा: प्रतिबंध के बाद भी टेलीग्राम पर बिक रहा NEET का फर्जी प्रश्न पत्र, परीक्षा से पहले मची खलबली
नई दिल्ली:
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET’ (नीट) को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तमाम दावों और सोशल मीडिया ग्रुप्स पर कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, टेलीग्राम (Telegram) पर नीट परीक्षा के कथित प्रश्न पत्र धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। परीक्षा से ठीक पहले हुए इस सनसनीखेज खुलासे ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रतिबंध बेअसर: कोडवर्ड में चल रहा है पूरा खेल
हाल ही में जांच एजेंसियों ने लीक और धोखाधड़ी को रोकने के लिए कई संदिग्ध टेलीग्राम चैनलों को ब्लॉक किया था। लेकिन ‘डार्क वेब’ और नए सीक्रेट ग्रुप्स के जरिए यह नेटवर्क फिर से सक्रिय हो गया है।
फर्जी दावों का बाजार: इन ग्रुप्स में ‘100% लीक पेपर’ और ‘असली प्रश्न पत्र’ होने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं।
एडवांस बुकिंग और पेमेंट: छात्रों को झांसे में लेने के लिए प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से (SAMPLES) मुफ्त में दिखाए जा रहे हैं, जबकि पूरा पेपर देने के नाम पर मोटी रकम (क्रिप्टोकरेंसी या यूपीआई के जरिए) वसूली जा रही है।
पहचान छिपाने का नया तरीका: ये ठग सीधे बात करने के बजाय कोडवर्ड और गायब होने वाले मैसेज (Disappearing Messages) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अभिभावक और छात्र परेशान, साख पर उठे सवाल
सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। एक ओर जहां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का दावा करती है, वहीं परीक्षा से चंद घंटे पहले इस तरह के फर्जी पेपरों का बाजार गर्म होना पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: “यह पूरी तरह से एक संगठित साइबर ठगी (Scam) का हिस्सा हो सकता है। छात्र किसी भी कीमत पर इन फर्जी दावों के झांसे में न आएं। यह न सिर्फ आपके पैसे की बर्बादी है, बल्कि ऐसे गिरोहों से जुड़ना आपको कानूनी संकट में भी डाल सकता है।”
जांच एजेंसियां अलर्ट पर
सूत्रों के मुताबिक, इस खुलासे के बाद साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां तुरंत एक्शन में आ गई हैं। इन टेलीग्राम चैनल्स के एडमिन और बैंक खातों को ट्रेस किया जा रहा है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह:
केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
किसी भी अनधिकृत टेलीग्राम चैनल, व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया हैंडल पर बिक रहे प्रश्न पत्रों को न खरीदें और न ही उन्हें आगे शेयर करें।
ऐसा कोई भी संदिग्ध ग्रुप दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन शातिर ठगों पर कितनी जल्दी नकेल कस पाता है, ताकि लाखों ईमानदार छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

