योग दिवस का द्वितीय दिन , राजयोग है तनावमुक्त जीवन का आधार: बीके कविता दीदी



संवाददाता , प्रथम श्रीवास्तव
बरुआसागर | प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा नगर के नगरपालिका स्कूल प्रांगण में आयोजित तीन दिवसीय योग शिविर का दूसरा दिन अत्यंत उत्साहपूर्ण और आध्यात्मिक रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
योग केवल शारीरिक नहीं, आध्यात्मिक प्रक्रिया है
इस अवसर पर मुख्य वक्ता राजयोगिनी बीके कविता दीदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनावमुक्त रहने के लिए राजयोग ध्यान एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़कर आंतरिक शक्तियों को जागृत करने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, “नियमित राजयोग के अभ्यास से हम चिंता, भय और नकारात्मकता को दूर कर अपने जीवन में सुख, शांति और आनंद को स्थापित कर सकते हैं।”
योगाभ्यास और प्रेरणादायक गतिविधियाँ
शिविर के दौरान बीके कविता दीदी ने प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन का गहन अभ्यास कराया और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी योगासन व व्यायाम सिखाए। वहीं, बरुआसागर सेवा केन्द्र प्रभारी बीके उमा दीदी ने रोचक गतिविधियों के माध्यम से एकाग्रता, आत्मविश्वास और आपसी सहयोग का महत्व समझाया। उन्होंने उपस्थित लोगों को जीवन में खुश रहने की कला का मर्म भी सिखाया।
प्रमुख उपस्थिति
इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बीके आरती, जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह कुशवाहा, गार्गी, एरिना, वेशवनी, विनोद चतुर्वेदी, महेश अग्रवाल, मृदुल तिवारी, कन्हिया लाल, विवेक भाई, सेन, दशरथ प्रसाद, हरनारायण साहू, रमेश प्रसाद, संगीता अग्रवाल, कमला सोनी, अमिता हयारन, सरोज बिरथरे और कलावती राय सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।




