बलिया: समाजवादी विचारधारा को बड़ा झटका, नहीं रहे वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी
लखनऊ के एसजीपीजीआई में ली अंतिम सांस, 2017 से 2022 तक रहे नेता प्रतिपक्ष

बलिया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही बलिया जिले सहित पूरे समाजवादी कुनबे में शोक की लहर दौड़ गई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

राम गोविंद चौधरी बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे। उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2017 से 2022 तक वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
समाजवादी पार्टी की सरकारों में राम गोविंद चौधरी ने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने बेसिक शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार समेत विभिन्न विभागों के मंत्री के रूप में कार्य किया। इससे पहले मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में भी वे मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके थे।

राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। बाद में वे समाजवादी आंदोलन से जुड़े और लंबे समय तक पार्टी की राजनीति में सक्रिय रहे। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्व० चंद्रशेखर सिंह से लेकर स्व० मुलायम सिंह यादव तक से इनके बेहद आत्मीय संबंध रहे राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने बलिया की बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई।
उनके निधन की खबर सामने आते ही बलिया के राजनीतिक गलियारों में शोक की स्थिति बन गई। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उनके निधन को लेकर गहरा दुःख देखा गया। लंबे राजनीतिक जीवन के कारण राम गोविंद चौधरी का जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव रहा।


