बिजली कटौती से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा,*
*कालापीपल में मुख्य मार्ग जाम कर शासन और बिजली विभाग के खिलाफ की नारेबाजी*
✍️✒️भारत सावद ✍️✒️
*बिजली कटौती से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा,
*कालापीपल में मुख्य मार्ग जाम कर शासन और बिजली विभाग के खिलाफ की नारेबाजी*
कालापीपल(बब्लू जायसवाल)मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के अंतर्गत आने वाली तहसील कालापीपल के ग्राम कालापीपल गांव में बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा,गांव और शहर के बीच बिजली आपूर्ति में किए जा रहे भेद-भाव से नाराज ग्रामीणों ने उग्र धरना प्रदर्शन किया,बिजली कटौती के विरोध में ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया,जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं,इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
*त्योहारों में भी अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण: बुजुर्ग* –
धरना प्रदर्शन में शामिल बुजुर्गों ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं,बुजुर्गों का कहना है कि शासन दोहरी मानसिकता का खेल खेल रही है। एक तरफ शहरों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है,वहीं दूसरी तरफ पवित्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भी गांवों में भारी बिजली कटौती की जा रही है,त्योहार के समय इस तरह का सौतेला व्यवहार ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं और दैनिक जीवन के साथ खिलवाड़ है।
*छात्रों ने लगाया साक्षरता से रोकने का आरोप* –
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यार्थी भी शामिल हुए,पढ़ाई बाधित होने से नाराज छात्रों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया। विद्यार्थियों का कहना है कि सत्ता पक्ष कभी भी ग्रामीण आबादी को साक्षर और जागरूक होने नहीं देना चाहता,यही कारण है कि जानबूझकर गांवों में परीक्षा और पढ़ाई के समय अघोषित बिजली कटौती की जाती है, ताकि ग्रामीण बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ जाएं।
*भेद-भाव बंद करने की मांग,* उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि शहर और गांव के बीच बिजली वितरण में किया जा रहा यह भेद-भाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,यदि बिजली विभाग और शासन ने गांवों में निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की और अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत रोक नहीं लगाई, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।



