
लखनऊ. राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), उ. प्र.की दिसम्बर 2025 को समाप्त तिमाही की समीक्षा बैठक का आयोजन एस. पी. गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार की अध्यक्षता तथा लाल सिंह, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं अध्यक्ष, एसएलबीसी, उत्तर प्रदेश की सह-अध्यक्षता में सभागार, मुख्य सचिव कार्यालय, लखनऊ में किया गया।
बैठक में पंकज कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, लखनऊ, चंद्रदीप कुमार झा, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, वित्तीय सेवाएँ विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार (वीसी के माध्यम से), रवीन्द्र, प्रमुख सचिव, कृषि, संदीप कौर, महानिदेशक, संस्थागत वित्त, उ.प्र. अपूर्वा दुबे, निदेशक, सूडा इंद्रजीत सिंह निदेशक, यूपी-नेडा, जयनाथ यादव, एएमडी, यूपी-एसआरएलएम, पंकज कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, लखनऊ,शैलेन्द्र कुमार सिंह, महाप्रबंधक एवं संयोजक, एसएलबीसी (उ.प्र.) सहित केंद्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सिडबी अन्य वित्तीय संस्थानों एवं बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अपने स्वागत सम्बोधन में महाप्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा एवं संयोजक, एसएलबीसी, उ0 प्र0 ने सभी सम्मानित सदस्यों का स्वागत किया तथा दिसम्बर त्रैमास के दौरान प्रदेश में हुई विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों एवं सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत हुई प्रगति से सभा को अवगत कराया।
बैठक के प्रारंभ में लाल सिंह, कार्यपालक निदेशक ने अपने संबोधन में वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट समावेशी विकास, निवेश एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने बैंकों से वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करने, एमएसएमई,कृषि एवं स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत ऋण प्रवाह बढ़ाने तथा क्रेडिट प्लस अप्रोच अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि राज्य में बैंकों का कुल व्यवसाय 32.79 लाख करोड़ तक पहुँच चुका है . साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं में बेहतर प्रदर्शन हेतु बैंकों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
मुख्य सचिव, उ. प्र.सरकार ने सभी बैंकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सतत वित्तीय विकास सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ानी होगी तथा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करना होगा। उन्होंने सभी बैंकों से अपेक्षा की कि प्रदेश के समग्र विकास में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करें। वित्तीय समावेशन, उद्यमिता विकास और कृषि सशक्तिकरण के माध्यम से प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएं।
निधि कुमार, उप-महाप्रबन्धक, एसएलबीसी, उ0 प्र0 द्वारा विभिन्न बैंकिंग गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया तथा बैठक के दौरान मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय समावेशन, ऋण विस्तार एवं राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में उप-महाप्रबन्धक, एसएलबीसी, उ0 प्र0 ने धन्यवाद ज्ञापित किया।




