मिशन शक्ति: बलिया में विभिन्न कार्यक्षेत्र की 50 महिलाओं को सम्मान, बाल विवाह रोकने का दिलाया संकल्प
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने महिलाओं के योगदान को सराहा

बलिया। महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मान देने और समाज में महिला सशक्तीकरण का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-6 के तहत बलिया में विभिन्न कार्यक्षेत्रो की 50 महिलाओं को सम्मानित किया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समारोह में महिला पुलिसकर्मियों, शिक्षिकाओं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं तथा स्वास्थ्य, बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग की कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प भी लिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। शिक्षित एवं आत्मनिर्भर महिलाएं न केवल अपने परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। उनके योगदान को पहचान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
महिला सुरक्षा से समझौता नहीं, पुलिस तत्पर: एसपी
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं एवं बालिकाओं को परेशान करने और उनके प्रति गलत नीयत रखने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग सदैव तत्पर है और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए सभी से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वाभिमान के साथ जीवन जीने के लिए अपने भीतर हुनर विकसित करना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।

विधायक केतकी सिंह ने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। जरूरत है कि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और समाज के नेतृत्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही समाज वास्तविक प्रगति की ओर बढ़ सकता है।
विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू भैया ने भी विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान और प्रोत्साहन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों की महिलाएं सम्मानित
समारोह में महिला पुलिस विभाग की 10 कर्मियों और शिक्षा विभाग की 10 शिक्षिकाओं सहित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बैंक सखी एवं समूह सखियों तथा महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार और चिकित्सा विभाग की महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में कृति त्रिपाठी, नेहा कमल, रीना यादव, श्वेता, डॉ. लक्ष्मी चौधरी, प्रियंका पाठक, रंजन प्रभाकर, अंजली सिंह, निकिता सिंह, रिशु श्रीवास्तव, डॉ. बबली पांडेय और डॉ. दीपिका गुप्ता सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर लोगों से बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने और इस कुरीति को समाप्त करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई।

सम्मानित महिलाओं ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर उनके कार्यों की सराहना से उन्हें समाज के लिए और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। महिला कल्याण विभाग, बलिया की ओर से आयोजित इस समारोह का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को पहचान देना, उनका मनोबल बढ़ाना तथा महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के प्रति सामाजिक जागरूकता को मजबूत करना था।


