शासकीय उच्च प्राथमिक शाला देवसराल में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस*
शासकीय उच्च प्राथमिक शाला देवसराल में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस*

*शासकीय उच्च प्राथमिक शाला देवसराल में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस*

तिलक राम पटेल ब्यूरोचिफ महासमुंद जिला प्रमुख भारत संवाद टीवी न्यूज चैनल दैनिक अपडेट अखबार
देवसराल। शासकीय उच्च प्राथमिक शाला देवसराल में शनिवार, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का पर्व हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, प्रेम एवं आभार व्यक्त करते हुए विभिन्न कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षकों के सम्मान के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भाषण, कविता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक उनके जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं तथा शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों की सीख भी देते हैं।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, लगन, अनुशासन एवं ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। शिक्षकों ने भी सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं सफलता की कामना की।
कार्यक्रम में संकुल समन्वयक श्री लखनलाल कुर्रे, एमएस प्रधान पाठक श्रीमती नलिनी बारीक, पीएस प्रधान पाठक श्रीमती पदमा सिदार सहित शिक्षकगण श्री रामकृष्ण साहू, श्रीमती मंजू दीवान, श्री राजेन्द्र साहू, श्री मोहम्मद असलम एवं श्री गंगाधर पटेल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को न केवल बेहतर विद्यार्थी, बल्कि जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है। शिक्षक दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सम्मान, आत्मीयता एवं गुरु-शिष्य परंपरा को और मजबूत करने वाला रहा।

